नई दिल्ली. मछली पालन में कुछ अहम बातों का ध्यान रखना होता है. उसमें सबसे जरूरी यह है कि मछली के बच्चों को तालाब में कब डाला जाए. उसका सही मौसम कब होता है और उसे कैसे डाला जाए. जिससे उसकी ग्रोथ तेज हो और नुकसान की संभावना बिल्कुल खत्म हो जाए. उत्तर प्रदेश सरकार के मछली पालन विभाग (Uttar Pradesh Fisheries Department) की मानें तो अगर इन बातों की जानकारी मछली पालक को हो गई तो इससे मछलियों की ग्रोथ अच्छी होगी. ज्यादा उत्पादन मिलेगा. यानी कि मछली पालन में फायदा ही फायदा होगा और मुनाफा कई गुना बढ़ जाएगा.
बात करें अगर मछलियों के बच्चे को तालाब में डालने की तो मछलियों को तालाब छोड़ने का सबसे सही समय अप्रैल से सितंबर का होता है. इसके पीछे कई वैज्ञानिक कारण भी है और इसका फायदा मछली पालन में मछली पालकों को मिलता है. जिससे उनका इस बिजनेस में मुनाफा बढ़ जाता है.
क्या है सितंबर से अप्रैल में मछली का बच्च डालने का फायदा
दरअसल, इस दौरान गर्मी होने के कारण तालाब के पानी में ऑक्सीजन की कमी नहीं होती है. जिससे पानी का इकोसिस्टम मछलियों के अनुकूल रहता है.
अप्रैल से मछलियों की पहली ब्रीडिंग का बीज मिलना शुरू हो जाता है और इस समय जो बीज उपलब्ध होता है उसकी ग्रोथ काफी तेज होती है.
गर्मी के मौसम में मछलियां चारा खूब खाती हैं और अच्छे से चारे को पचा भी लेती हैं. इसके चलते उनका वजन तेजी के साथ बढ़ता है.
इसके अलावा सही समय पर बीज डालने का एक और बड़ा फायदा यह भी है कि मछलियां ठंड का मौसम शुरू होने से पहले मार्केट साइज तक पहुंच जाती हैं. जिससे उन्हें बेचने में दिक्कत नहीं होती है. मुनाफा समय पर मिल जाता है.
निष्कर्ष
एक्सपर्ट का कहना है यदि आप मछली पालन में अच्छा रिजल्ट और मछलियों की बेहतर गोथ चाहते हैं तो अप्रैल से सितंबर के महीने के दौरान बीज डालना सबसे सही और समझदारी का काम होता है.












