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Fisheries: मछली पालकों को फायदा पहुंचाने के लिए एफपीओ का होगा गठन

The State-wise number of coastal fishermen villages for development as Climate Resilient Coastal Fishermen Villages are envisaged in proportion to the total number of coastal fishermen villages in the State and at present
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. बिहार राज्य लगातार मछली उत्पादन के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है. मछली उत्पादन का बढ़ रहा है और इससे मछली पालन से जुड़े लोगों की इनकम भी बढ़ रही है. वहीं सरकार की ओर से लगातार मछली उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है. ताकि इसका फायदा किसानों को मिल सके. ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके. बिहार सरकार की तरफ से राज्य में फिश आउटलेट खोलने की भी योजना पर काम हो रहा है. ताकि उपभोक्ताओं को भी इसका फायदा मिले और उन्हें ताजी मछली मिल सके. जबकि मछली पालकों को इससे सीधा बाजार मिल पाएगा.

गौरतलब है कि हाल ही में मत्स्य विभाग की ओर से एफपीओ गठन को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. कार्यक्रम का उद्घाटन संयुक्त मत्स्य निदेशक पवन कुमार पासवान, प्रक्षेत्र के उपमत्स्य निदेशक कुमार विमल प्रसाद, मत्स्य बीज प्रक्षेत्र के सहायक निदेशक टुनटुन सिंह व जिला मत्स्य पदाधिकारी अनुपम कुमार ने किया. यहां मौजूद संयुक्त मत्स्य निदेशक ने एफपीओ के बारे में जानकारी दी.

क्या है एफपीओ का फायदा
उन्होंने बताया कि राज्य में एफपीओ गठन पर तेजी के साथ काम किया जा रहा है. जिससे ज्यादा से ज्यादा मछली पालकों को फायदा हो सके.

उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य मछली किसानों को सस्ते और गुणवत्तापूर्ण इनपुट उपलब्ध कराना है.

कहा कि इसकी वजह से वैज्ञानिक तरीके से मछली उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सकेगा और बिक्री में बेहतर दाम मिलेगा.

जब बिक्री से ​बेहतर दाम मिलेगा तो किसानों की इनकम और रोजगार और सुरक्षा भी तेजी के साथ बढ़ जाएगी.

मत्स्य निदेशक टुनटुन सिंह ने एफपीओ की प्रमुख गतिविधियों के बारे में विस्तार से तमाम अहम पहलूओं पर विचार रखा. उन्होंने इसके फायदे व होने वाले आर्थिक लाभ की जानकारी दी.

जिला मत्स्य पदाधिकारी अनुपम कुमार ने कहा कि क्षेत्र में अधिकांश मछली पालन छोटे एवं सीमांत किसानों द्वारा किया जाता है.

जबकि दिक्कत ये है कि अलग-अलग काम करने के कारण उन्हें महंगे बीज एवं फीड, बिचौलिये पर निर्भर रहना पड़ता है.

लोन और सरकारी योजनाओं तक सीमित पहुंच जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इन सभी समस्याओं का समाधान एफपीओ के माध्यम से किया जा सकता है.

निष्कर्ष
मत्स्य विभाग के एफपीओ गठन करने के फैसले से सीधे पर मछली किसानों को फायदा होगा. बड़े से लेकर छोटे मछली किसानों को जब फायदा होगा तो उनकी इनकम भी बढ़ेगी. इससे रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे. जब इस सेक्टर में लोगों को फायदा नजर आएगा तो अन्य लोग भी इस काम से जुड़ेंगे.

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