Home सरकारी स्की‍म Scheme: सरकार की तरफ से मछुआरों को मिलता है 5 लाख रुपए का मुफ्त बीमा कवर, पढ़ें डिटेल
सरकारी स्की‍म

Scheme: सरकार की तरफ से मछुआरों को मिलता है 5 लाख रुपए का मुफ्त बीमा कवर, पढ़ें डिटेल

Under the Prime Minister Matsya Sampada Yojana (PMMSY), the flagship scheme of the Government of India in Andhra Pradesh, a total investment of Rs 2300 crore has been envisaged in the fisheries sector for five years. livestockanimalnews
समुंद्र से मछली पकड़ते मछुआरे. Live stockanimalnews

नई दिल्ली. मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं. ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग मछली पालन से जुड़कर अपनी इनकम को बढ़ा सकें. वहीं सरकार मछुआरों का मु्फ्त में बीमा कवर भी करती है. जानकारी के मुताबिक मत्स्य पालन विभाग, भारत सरकार राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड (एनएफडीबी) के माध्यम से मौजूदा वक्त में चल रही प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत (पीएमएमएसवाई) तमिलनाडु सहित सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में समूह दुर्घटना बीमा योजना (जीएआईएस) का संचालन कर रही है.

बता दें कि जिसके तहत बीमा प्रीमियम की पूरी राशि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा वहन की जाती है. जिसमें लाभार्थी का कोई योगदान नहीं होता है. इस योजना के तहत दिए जाने वाले बीमा कवरेज में मौत या स्थायी व पूरी तरह से शारिरिक अक्षमता के लिए पांच लाख रुपए की मदद मिलती है. वहीं स्थायी आंशिक शारिरिक अक्षमता के लिए 2 लाख 50 हजार रुपए और दुर्घटना की स्थिति में अस्पताल में भर्ती होने 25 हजार रुपए की मदद देने का प्रावधान है.

52.13 करोड़ रुपए की मदद की
गौरतलब है कि गत तीन साल (2021-22 से 2023-24 तक) और वर्तमान वित्तीय वर्ष (2024-25) के दौरान, 131.30 लाख मछुआरों को बीमा कवरेज प्रदान किया गया जिसमें सालाना औसतन 32.82 लाख मछुआरों को बीमा प्रधान किया गया है. इसके नतीजे में अब तक 1710 प्राप्त दावा प्रस्तावों में 1047 दावों का निपटान किया जा चुका है, जिसमें दावा निपटान राशि 52.13 करोड़ रुपए है. इसके अलावा, तमिलनाडु सरकार द्वारा दी गई सूचना के अनुसार, तमिलनाडु में नामांकित मछुआरों, प्राप्त दावा प्रस्तावों और निपटाए गए दावों का विवरण अनुबंध में दिया गया है. मत्स्य पालन विभाग की ओर से भारत सरकार ने गत 4 वर्षों (2020-21 से 2023-24) और वर्तमान वित्त वर्ष (2024-25) के दौरान 8926.33 करोड़ रुपए के केंद्रीय अंश के साथ कुल 20990.79 करोड़ रुपए की लागत वाली परियोजनाओं को स्वीकृति दी है.

5 हजार से ज्यादा की परियोजनाओं को मंजूरी
स्वीकृत केंद्रीय निधियों में से, देश में मात्स्यिकी और मछुआरों के समग्र विकास के लिए पीएमएमएसवाई के तहत सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों और कार्यान्वयन एजेंसियों को 4670.79 रुपए की राशि जारी की गई है. तमाम राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और अन्य कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा दी गई है. सूचना के अनुसार, अब तक पीएमएमएसवाई के तहत 3160.86 करोड़ रुपए की राशि का उपयोग किया गया है. इसके अलावा, एफआईडीएफ के तहत, विभिन्न राज्यों/संघ शासित प्रदेशों के लिए 5801.06 करोड़ रुपए के परिव्यय वाली 136 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं. जिनमें ब्याज अनुदान (इंटरेस्ट सबवेनशन) प्रदान करने के लिए परियोजना लागत 3858.19 करोड़ रुपए तक सीमित है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

The State-wise number of coastal fishermen villages for development as Climate Resilient Coastal Fishermen Villages are envisaged in proportion to the total number of coastal fishermen villages in the State and at present
मछली पालनसरकारी स्की‍म

Fisheries: जलीय कृषि बीमा से मछली पालन में नुकसान की होती भरपाई

नई दिल्ली. जलीय कृषि बीमा यानि एक्वाकल्चर इंश्योरेंस एक तरह की वित्तीय...

सदैव स्वस्थ एवं सुडौल शरीर वाले पशु ही खरीदना चाहिए.
सरकारी स्की‍म

Government Scheme: नंदिनी कृषक समृद्धि योजना का फायदा उठाकर बन गए बड़े डेयरी कारोबारी

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश सरकार भी पशुपालन को बढ़ावा देने का काम...

अगर आप छोटे गड्ढे में मछली पालन का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो आपको तालाब के आकार को चुनना होगा. एक से 2000 स्क्वायर फीट के तालाब में आप बढ़िया मछली पालन कर सकते हैं.
मछली पालनसरकारी स्की‍म

Fish Farming: हरियाणा में फिशरीज सेक्टर को मजबूत करने के लिए 760 करोड़ का हुआ निवेश

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत हरियाणा ने उल्लेखनीय...