Home सरकारी स्की‍म Shrimp Farming: सरकार चला रही है ये योजना, अपनी झींगा फसल का इस तरह कराएं बीमा
सरकारी स्की‍म

Shrimp Farming: सरकार चला रही है ये योजना, अपनी झींगा फसल का इस तरह कराएं बीमा

shrimp farming in india
झींगा मछली पालन की प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. वैसे तो झींगा पालन एक फायदेमंद सौदा है लेकिन यह जो जोखिम भरा कारोबार भी है. क्योंकि झींगा पालन में कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं. जैसे कि सफेद दाग, सफेद मल सिंड्रोम, सफेद पूंछ रोग, ढीला खोल, धीमी ग्रोथ और मृत्युदर सिंड्रोम जैसी बीमारियों की वजह से झींगा कारोबार में नुकसान हो जाता है. इन बीमारियों से झींगा पालकों को काफी नुकसान होता है. इस वजह से कई सरकारें झींगा पालकों को नुकसान से बचने के लिए झींगा फसल योजना शुरू करती है. केंद्र सरकार की ओर से भी झींगा फसल बीमा योजना चलाई जाती है, ताकि झींगा पलकों को नुकसान से बचाया जा सके.

वहीं हरियाणा सरकार की ओर से भी झींगा फसल बीमा के लिए बीमा प्रीमियम पर 50 फीसदी तक की सब्सिडी दी जा रही है. हरियाणा सरकार की ओर से सघन मत्स्य विकास कार्यक्रम के लिए योजना चलाई जाती है. इसके तहत फसल बीमा के लिए बीमा प्रीमियम पर सब्सिडी दी जा रही है. अगर आप भी हरियाणा के निवासी हैं और झींगा पालन करना करते हैं तो इस योजना का फायदा उठा सकते हैं. इससे आपको झींगा में बीमारियां लगने पर नुकसान कम होगा. वहीं आगे फिर से झींगा पालन शुरू करने में मदद मिलेगी. आइए जानते हैं कि कैसे इस योजना का फायदा उठाया जा सकता है.

कौन पा सकता है इसका फायदा जाने यहां
अगर झींगा फसल बीमा के लिए बीमा प्रीमियम पर सब्सिडी चाहते हैं तो आपके पास परिवार का पहचान पत्र होना जरूरी है. डीपीआर के मुताबिक लाभार्थी को तालाबों के मालिक के साथ-साथ जरूरी व्यक्ति संसाधनों की स्वीकृतियां आदि के स्वामित्व पर दस्तावेजी के सबूत पेश करने होंगे. योजना का फायदा लेने वाले को हरियाणा का मूल निवासी होना जरूरी है तभी इस योजना का फायदा झींगा पालकों को मिल सकता है. वहीं ट्यूबवेल साइड की तस्वीरों के साथ बिलों को जमा करना होगा. इसके बाद ही फसल बीमा के लिए बीमा प्रीमियम पर 50 फीसदी सब्सिडी मिलेगी.

इन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत
मछली पालन के लिए किसान और पंचायत के बीच कॉन्ट्रैक्ट लेटर भी देना होगा. इसके अलावा किसान और विभाग के बीच भी कॉन्ट्रैक्ट पत्र होना जरूरी है. बर्थ सर्टिफिकेट, राशन कार्ड, मतदाता कार्ड, डेट ऑफ बर्थ, आधार कार्ड और दसवीं का सर्टिफिकेट इसके लिए जरूरी होता है. पहचान पत्र के तौर पर राशन कार्ड, मतदाता कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड या पैन कार्ड दिया जा सकता है. इसके अलावा तहसीलदार द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र भी देना होता है. जबकि ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट भी लगाना जरूरी है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

Further, necessary provisions are made by the State Government in their respective Marine Fishing Regulation Acts Rules (Amendments) for the installation of Turtle Excluder Devices (TED) for the protection of sea turtles.
मछली पालनसरकारी स्की‍म

Fisheries News: मछली पालन में नुकसान होने पर एक लाख रुपये तक की आर्थिक मदद करती है सरकार

नई दिल्ली. जैसे-जैसे जलीय कृषि का विस्तार नए फार्मों के माध्यम से...

Animal Husbandry: Milk animals can become sick in extreme cold, adopt these methods to protect them from diseases.
पशुपालनसरकारी स्की‍म

Scheme: पशुधन बीमा पोर्टल से पशुपालकों को पशुधन ​बीमा लेना होगा आसान, इसके हैं कई फायदे

नई दिल्ली. मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी तथा पंचायती राज मंत्रालय के केंद्रीय...