Home मछली पालन Fish Farming: बायोफ्लॉक मछली पालन में कितनी होती है कमाई, जानें छह महीने में कितना होगा मुनाफा
मछली पालन

Fish Farming: बायोफ्लॉक मछली पालन में कितनी होती है कमाई, जानें छह महीने में कितना होगा मुनाफा

BIOFLOC TECHNOLOGY, FISH PRODUCTION, Fish Rate, Fish Export
प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली. मछली पालन कई तकनीक से की जाती है. अलग-अलग तकनीक में कई तरीके से मछली पालन करके कमाई की जाती है. मछली पालन का जहां परंपरागत तरीका यह है कि मछलियों को तालाब में पालकर कमाई की जाती है तो वहीं अब बहुत से फिश फार्मर्स बायोफ्लॉक तकनीक से भी मछली पालन कर रहे हैं. बायोफ्लॉक तकनीक का इस्तेमाल करके मछली पालन में अच्छी खासी कमाई हो रही है और इसके लिए तालाब खोदने की भी जरूरत नहीं पड़ती है. इस वजह से बहुत से फॉर्मर्स बायोफ्लॉक तकनीक को आजमा रहे हैं और इससे उन्हें फायदा भी मिल रहा है.

बता दें कि बायोफ्लाक तकनीक में मछली पालन के लिए कम जगह की जरूरत पड़ती है और इससे ज्यादा मछलियां भी पाली जा सकती हैं. वहीं कम पानी और कम खर्च में ज्यादा मछलियां पाली जा सकती हैं. जहां इस तकनीक में पानी की बचत होती है तो वहीं टैंक की साफ-सफाई भी आसानी से हो जाती है. वहीं सबसे अच्छी बात ये है कि मछलियों में बीमारी लगने का खतरा कम रहता है. जिसके चलते मछली पालन में फायदा कई गुना बढ़ जाता है.

कितनी होती है कमाई
फिश एक्सपर्ट का कहना है कि अगर आप बायोफ्लाक तकनीक से मछली पालन करते हैं तो 6 महीने में ही कमाई लायक मछली फसल तैयार हो जाएगी. इसमें आपने 20 ग्राम का तिलापिया मछली का इस्तेमाल किया है तो यह मछली ग्रोथ करके 6 महीने में कम से कम 500 ग्राम तक की हो जाएगी और इसे आपको अच्छा फायदा मिलेगा. मान लीजिए कि आपने इसमें 7 हजार मछलियां डाली हैं और इसमें से दो-तीन हजार मछलियां मर भी सकती हैं. क्योंकि वो सर्वाइवल नहीं कर पाती हैं लेकिन आपको 4 हजार मछलियां मिल रही हैं या फिर आधी भी मछलियां बच रहीं है तो उन्हें आप बेचकर 2 लाख 40 हजार रुपए का मुनाफा बना सकते हैं. अगर आप इसमें से इनपुट माइनस भी कर देते हैं तो भी आपको डेढ़ लाख रुपये की कमाई 6 महीने में हो जाएगी.

हर बार बढ़ जाएगा फ्रॉफिट
एक्सपर्ट का कहना है कि अगर महिलाएं भी इस काम को करें तो इससे उन्हें अच्छी कमाई हो सकती है. फिश एक्सपर्ट कहना है कि अगर प्रोफेशनल तरीके से इस काम को किया जाए तो मुनाफा और ज्यादा हो सकता है और वह कम से कम तीन लाख रुपए तक की इसमें कमाई की जा सकती है. वहीं आप मछली पालन में नये हैं तो इसकी पूरी जानकारी करने में समय लग सकता है. जिससे मछलियों की ग्रोथ में कमी और उनकी मृत्यु दर भी दिखाई देती है लेकिन आप फिश फार्मिंग को समझ चुके हैं तो इससे आपको ज्यादा फायदा होता है. इस काम को आगे बढ़ाते हैं तो हर बार प्रॉफिट को बढ़ाने में कामयाब हो जाएंगे.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

shrimp farming problems
मछली पालन

Fisheries: टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने से भीमावरम फिशरीज क्लस्टर होगा मजबूत

नई दिल्ली. नेशनल फिशरीज डेवलपमेंट बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. बिजय...

The States and UTs have been advised to implement the clusters based approach for development of fisheries and aquaculture. Based on the request received from the Andaman and Nicobar Administration, development of Tuna fisheries cluster in Andaman & Nicobar Islands has been notified under PMMSY.
मछली पालन

Fisheries: आंध्र प्रदेश ने 64 लाख टन मछली उत्पादन कर टारगेट किया पूरा

नई दिल्ली. भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के...

यहां मानसून जून से सितम्बर तक चलता है. औसत वर्षा करीब 57 सेमी. होती है.
मछली पालन

PMMSY के तहत हरियाणा में फिशरीज सेक्टर हुआ मजबूत

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) एक ऐसी योजना है, जिसके...