नई दिल्ली. वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बिहार सरकार की तरफ से नाव एवं जाल पैकेज वितरण योजना की शुरुआत की गई है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के मत्स्यजीवी सहयोग समिति के सदस्य, परंपरागत मछुआरों को नाव एवं जाल पैकेज अनुदानित दर पर उपलब्ध कराते हुए मछली उत्पादन और मत्स्य पालकों के वार्षिक आय में वृद्धि करना है. योजना के तहत निर्धारित इकाई लागत का 90 प्रतिशत सब्सिडी राज्य मत्स्यजीवी सहयोग समिति के सदस्य, परंपरागत मछुआरों को दी जाएगी. यानि लागत का 90 फीसद सरकार देगी. बाकी पैसा खुद या बैंक से लोन लेकर लगाना होगा.
नाव एवं जाल पैकेज वितरण योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आवेदक के द्वारा अपना मोबाईल नंबर तथा बैंक शाखा का नाम, बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड देना होगा. आधार कार्ड नंबर, बैंक खाता, मत्स्य शिकारमाही काम करने संबंधी अनुशंसा और खुद का साइन किया घोषणा पत्र देना होगा.
कौन कर सकता है आवेदन
योजना के तहत राज्य के मत्स्यजीवी सहयोग समिति के सदस्य जिन्हे परवाना हासिल है मत्स्यजीवी सहयोग समिति के सदस्य जिन्हे परवाना हासिल नहीं है परंपरागत मछुआ, महिला मछुआ, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के मछुआरों को मत्स्य शिकारमाही कार्य करने के लिए आवेदक होंगे.
देना होगा ये दस्तावेज
आवेदक द्वारा मत्स्य शिकारमाही से संबंधित सुबूत, मत्स्यजीवी सहयोग समिति के मत्स्य शिकारमाही कार्य करने वाले सदस्यगण जिन्हे परवाना प्राप्त है देना होगा.
जिन्हें परवाना प्राप्त नहीं है, गैर सदस्य परंपरागत मछुआ जो मत्स्य शिकारमाही कार्य करते हैं, वे अपने जन प्रतिनिधि तथा मुखिया, प्रमुख, या जिला परिषद अध्यक्ष से मत्स्य शिकारमाही का कार्य करने संबंधी अनुशसा आवेदन-पत्र के साथ दे सकते हैं.
आवेदन की प्रक्रिया क्या है
योजना के लिए आवेदन “https://fisheries.bihar.gov.in/” पर ऑनलाईन (Online) के माध्यम से प्राप्त किए जाएंगे.
आवेदन करने की अंतिम तिथि 31.12.2025 तक निर्धारित की गई है.
इस योजना की विस्तृत जानकारी विभागीय वेबसाईट “https://state.bihar.gov.in/ahdCitizen Home.html पर उपलब्ध है.










