नई दिल्ली. सरकार किसानों की इनकम को बढ़ाना चाहती है. यही वजह है कि पशुपालन को बढ़ावा देना चाह रही है. सरकार गाय पालन, भैंस पालन के साथ-साथ लघु पशुपालन में आने वाले कामों को बढ़ावा दे रही है. कई योजनाएं चला रही है, ताकि इसका फायदा उठाकर किसान पशुपालन करें और अपनी इनकम को बढ़ा सकें. सरकार की तरफ से बकरी पालन की योजना में तो 90 फीसद तक की सब्सिडी दी जा रही है. यानि सिर्फ 10 परसेंट के खर्च पर इस काम को किसान कर रहे सकते हैं.
इसके अलावा सरकार की तरफ से गाय पालन की भी बेहतरीन योजना चल रही है. यदि कोई सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई 4 गाय पालता है तो सरकार उसे आर्थिक मदद दे रही है. उत्तर प्रदेश के पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि पशुपालन करके किसान अपनी इनकम को बढ़ा सकते हैं. उन्होंने इस काम में ज्यादा से ज्यादा किसानों को आने की अपील की है.
कौन-कौन सी योजना चल रही है
उन्होंने कहा कि देसी गाय पालने को लेकर योगी आदित्यनाथ की सरकार एक योजना लेकर आई है. यदि कोई व्यक्ति देसी गाय पलता है तो उसको 6000 महीना हमारी सरकार देगी.
साथ ही एक पशु शेड बनाने का काम भी सरकार की ओर से किया जाएगा. ताकि उसमें गाय को आसानी से रखा जा सके और उसकी सेवा की जा सके.
लघु पशुओं में मुर्गी पालन, बकरी पालन और भेड़ पालन में भी तमाम योजनाओं को सही तरह से लागू करने के लिए सरकार ने बजट बढ़ा दिया गया है.
इससे पहले जहां बजट 6 करोड़ रुपए था अब इसे बढ़ाकर साढ़े 22 करोड़ रुपए कर दिया गया है.
उन्होंने कहा कि मुर्गी पालन में भी और बकरी पालन में अच्छी योजनाएं चलाई जा रही हैं यदि आप 10 बकरी एक बकरा पालते हैं. 1.70 लाख रुपए की लागत पर 90 फीसद तक सब्सिडी सरकार दे रही है.
बकरी पालन का फायदा गिनाते हुए मंत्री ने कहा कि अगर बकरी का दूध बहुत अच्छा होता है. डेंगू बुखार के दौरान मरीज को फायदा पहुंचाता है और ये 400 रुपए लीटर तक बिकता है.
इसलिए इससे बकरी पालक को अच्छी कमाई होती है. कहा कि बकरी पालन इतना अच्छा काम है कि किसान जब चाहे बकरी बेचकर अच्छी इनकम कमा सकता है.ससे बकरी पालक को अच्छी कमाई होती है. कहा कि बकरी पालन इतना अच्छा काम है कि किसान जब चाहे बकरी बेचकर अच्छी इनकम कमा सकता है.
निष्कर्ष
किसानों की आय दुगनी करने के लिए सरकारी तरफ से बजट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की गई है. ताकि वो इसका फायदा उठाकर पशुपालन कर सकें. गौरतलब है कि बहुत से किसान इसका फायदा उठाकर कमाई कर भी रहे हैं.










