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Fisheries: किस साइज की ग्रास कार्प मछली पालने में मिलता है ज्यादा फायदा

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प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. ग्रास कार्प मछली की बात की जाए तो ये बेहद ही बेहतरीन प्रजाति की मछली मानी जाती है. क्योंकि इसको पालने में ज्यादा खर्च नहीं आता. इसी वजह से इस लो मेंटेनेंस वाली मछली भी कहा जाता है. यदि आप मछली पालन कर रहे हैं और तालाब में हरा चारा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है तो ये बिना ज्यादा खर्च के कुछ ही समय में बड़े ही आराम से पल जाएंगी. इसलिए ये कहना गलत नहीं होगा कि इस मछली को कम निवेश में भी पाल सकते हैं.

भारतीय मत्स्य पालन विभाग के मुताबिक मछली पालन एक शानदार काम है. यदि आप ग्रास कार्प मछली का पालन करते हैं तो ये मछली पालन में आपको अच्छा मुनाफा कमा कर दे सकती है. यदि आप मछली पालन की शुरुआत करने जा रहे हैं तो ग्रास कार्प मछली को पालें और इससे मुनाफा कमाएं.

कितने वजन की मछली पालें
एक्सपर्ट का कहना है कि ग्रास कार्प के सही साइज के बच्चे डालते आप हैं तो अगले ही दिन से वह तालाब का हरा चारा यानी घास खाना शुरू कर देती हैं.

वहीं अगर आप बहुत छोटे बच्चों को तालाब में डालते हैं तो जैसे 1 इंच या फ्राइ साइज के बच्चे तो सीधे घास नहीं खा पाते हैं.

1 इंच वाले बीज को बड़ा करने में आपको सरसों की खली में हाइपर ग्रोथ मिलाकर देना होगा.

यानी 10 किलो सरसों खली में 50 ग्राम हाइपर ग्रोथ पाउडर दें, जब तक कि मछलियां 100 ग्राम की ना हो जाएं. तब तक देते रहें.

एक बार मछली जब 50 से 100 ग्राम तक का वजन हासिल कर लेती है तो उसके बाद उसके फीड पर ज्यादा खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. वे खुद अपना फीड हासिल कर लेंगी.

इसके बाद मछलियों की ग्रोथ इतनी तेजी से होती है कि 4 से 5 महीने के अंदर ही इनका वजन 2 से ढाई किलो हो जाता है और आपको अच्छा खासा मुनाफा कमाने को मिलता है.

निष्कर्ष
वहीं ग्रास कार्प का फायदा ये भी है कि ये तालाब की सफाई भी करती रहती हैं. क्योंकि ये तालाब की घास खाती हैं. इससे तालाब भी साफ रहता है. इसलिए आपको तालाब को बार-बार साफ करने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी.

Written by
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