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Green Fodder: ज्वार के हरे चारे में साइनाइड और नाइट्रेट विषाक्तता के ये हैं प्रमुख कारण

चारा के स्टॉक को बारीकी से देखें और दिन में कम से कम दो बार निगरानी करें.
ज्वार की प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. डेयरी कारोबार के लिए पाले जा रहे पशु बीमार पड़ जाते हैं तो इसका सीधा नुकसान पशुपालकों को होता है. क्योंकि बीमारी सबसे पहले प्रोडक्शन पर असर डालती है. फिर पशुओं की सेहत भी खराब होने लग जाती है. इसके चलते पशु पालकों को हर हाल में बीमारी से बचाना चाहिए. भूखे जानवरों को संभावित विषाक्त चारे तक पहुंचने से पहले उनके सेवन की दर को कम करने के लिए कोई अन्य हरी घास या सूखा चारा खिलाया जाना चाहिए. यदि चारागाह में दलहनी हरा चारा मिश्रित कर दिया जाए तो चारागाह घास से नाइट्रेट नाइट्राइट विषाक्तता के जोखिम को कम किया जाता है. आइये जानते है साइनाइड और नाइट्रेट विषाक्तता का निदान और उपचार.
मौसम गर्म हो रहा है. ऐसे में पशु परिसर को सूखा एवं साफ रखना चाहिए. पशुओं को गर्मी और नमी जनित रोगों से बचा कर रखना चाहिए. अगर पशु स्वस्थ्य होगा तो दूध उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

साइनाइड और नाइट्रेट विषाक्तता का निदान और उपचार: यदि कोई बीमार या मृत जानवर पाया जाता है, तो तुरन्त पशु चिकित्सक से सलाह लें. पोस्टमॉर्टम जांच कराकर मौत के सही कारण का पता लगाएं. पशुचिकित्सक उपयुक्त नमूने एकत्र करेगा और उन्हें प्रयोगशाला परीक्षण के लिए जमा करेगा. यदि ज्वार की फसल से विषाक्तता का सन्देह हो तो ज्वार के सभी स्टॉक को तुरन्त हटा दें.

परीक्षण के लिए चारे के नमूने भेजना: पौधों के नमूने, पशु की नौंद के नमूने एकत्र कर, उचित रूप से पैक करके जितनी जल्दी हो सके और बिना नुकसान के प्रयोगशाला में पहुंचाएं. पौधों के नमूनों के लिए, रूट बॉल को खोदकर गीले अखबार में लपेट दें. पेपर रैपिंग का उपयोग ताजा पौधे या थास के नमूनों को पैकेज करने के लिए किया जाना चाहिए. प्लास्टिक की थैलियों में जमा न करें, क्योंकि इससे परिणाम गलत हो सकते हैं.

साइनाइड और नाइट्रेट विषाक्तता के जोखिम को निम्न सावधानियां रखनी चाहिए: तनावग्रस्त पौधों को या जब पुनर्विकास हो रहा हो रहा हो ऐसे चारे को न खिलाएं. जब तक छोटी किस्मों के पौधे 45 सेमी से अधिक और लंबी किस्मों के 75 सेमी ऊंचे न हों, तब तक न खिलाएं.

  • फूल वाले पौधों और अनाज में जहर के स्टॉक होने की संभावना कम होती है.
  • अधिक भूखा होने पर जमा किया ज्वार न खिलाएं.
  • यदि पशु थोड़े समय में बड़ी मात्रा में चारा खाते हैं तो उनमें जहर होने की संभावना सबसे अधिक होती है.
  • चारा के स्टॉक को बारीकी से देखें और दिन में कम से कम दो बार निगरानी करें.
  • उपयोग से पूर्व साइनाइड और/या नाइट्रेट के स्तर के लिए फसलों की जांच कराएं.
  • सोरघम में सल्फर की मात्रा कम होती है और सल्फर लीवर को साइनाइड को डिटॉक्सीफाई करने में मदद करता है. इसलिए चारे को सल्फर युक्त ब्लॉक या शीरा (जो प्राकृतिक रूप से सल्फर से भरपूर होता है) के साथ खिलाएं.

प्यार को 50 दिन की अवस्था से पहले खिलाने से बचें: प्यार को 50 दिन की अवस्था से पहले खिलाने से बचें और देशी ज्वार की प्रजातियों को वर्षा होने के बाद ही खिलाएं. हे और साइलेज आम तौर पर एचसीएन से मुक्त होते हैं. प्राथमिक उपचार के रूप में प्रभावित पशुओं को रक्त के ऑक्सीजन परिवहन की क्षमता को बहाल करने के लिए सोडियम थायोसल्फेट का अंतःशिरा इंजेक्शन दिया जा सकता है. पशुओं को अतिरिक्त ऊर्जा प्रदान करने के लिए गुड़ की दो पूरी खेप दी जा सकती हैं.

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