नई दिल्ली. गर्मी के दिनों में पशुओं को हरा चारा नहीं मिल पाता है. हरे चारे की कमी की वजह से पशुओं को पौष्टिक तत्व भी नहीं मिल पाए. क्योंकि हरे चारे में कई पौष्टिक तत्व होते हैं और गर्मी की वजह से इसका उत्पादन घट जाता है. ऐसे में पशुपालक भाई परेशान रहते हैं कि क्या करें. बहुत से पशुपालक गर्मी के मुश्किल हालात से निपटने के लिए साइलेज बनाकर स्टोर कर लेते हैं और वही पशुओं को खिलाते हैं लेकिन ऐसा नहीं है कि सिर्फ साइलेज ही इसका एक आखिरी रास्ता है. ऐसी फसले भी हैं. जिनको लगाकर गर्मी में भी हरे चारे की कमी को पूरा किया जा सकता है. उसी फसल में आता है सुपर नेपियर चारा. आइए इसके बारे में जानते हैं.
सुपर नेपियर चारे को पशुओं के लिए वरदान कहा जाता है. क्योंकि जब तापमान 47 डिग्री सेल्सियस से ऊपर भी चला जाता है, तब भी सुपर नेपियर चारा लहलहाता रहता है और यह तेजी से ग्रोथ करने वाला चारा है. इसको खाने से पशुओं को फायदा भी मिलता है. पशुओं के अंदर तमाम पौष्टिक तत्व इसी चारे से मिल जाते हैं.
अच्छी तरह से करता है ग्रोथ
सुपर नेपियर हरे चारे के बारे में कहा जाता है कि यह सर्दी गर्मी बरसात तीनों ही मौसम में अच्छे से ग्रोथ करता है. हालांकि सर्दी में इसकी ग्रोथ इतनी ज्यादा नहीं होती लेकिन तब दूसरे हरे चारे उपलब्ध होते हैं. जब सबसे ज्यादा हरे चारे की जरूरत होती है, गर्मी में तब सुपर नेपियर चारा पशुओं के लिए वरदान का काम करता है. इस चारे की खासियत यह है कि यह बेहद ही कम पानी में अच्छी तरह से ग्रोथ कर जाता है. इसलिए ज्यादा गर्मी में भी इसमें हरापन बना रहता है. वहीं इसकी कटिंग बेहद ही आसानी से और जल्दी हो जाती है. 10 मिनट में ही 5 से 10 पशुओं के लिए हरा चारा कि इस फसल की कटाई कर सकते हैं.
बड़े ही चाव से खाते हैं पशु
अगर इस फसल की बात की जाए तो एक या दो पौधे ही एक पशु के लिए पर्याप्त हरा चारा उपलब्ध करा देते हैं. अच्छी बात यह है कि इस हरे को उगाने में किसी खाद की जरूरत नहीं पड़ती है. जबकि पानी भी काम देना पड़ता है. इसमें न्यूट्रीशिन अच्छी मात्रा में होता है और यह मीठा होता है. इस वजह से पशु इसे बड़े ही चाव के साथ खाते हैं. इससे दूध की मात्रा में भी इजाफा हो जाता है. एक्सपर्ट पशुपालकों को गर्मी के दिनों में हरे चारे की कमी को पूरा करने के लिए सुपर नेपियर चारा खेत में लगाने की सलाह देते हैं.










