Home मछली पालन Fish Farming: ऐसे करेंगे तालाब को तैयार तो खूब होगी ग्रोथ और बढ़ जाएगा प्रोडक्शन, पढ़ें तरीका
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Fish Farming: ऐसे करेंगे तालाब को तैयार तो खूब होगी ग्रोथ और बढ़ जाएगा प्रोडक्शन, पढ़ें तरीका

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मछलियों की प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. तालाब में मछली डालने से पहले तालाब की मुकम्मल तैयारी करना भी बेहद ही जरूरी है. फिश एक्सपर्ट का कहना है कि मछलियों के लिए तालाब का उपयुक्त होना इसके प्रोडक्शन को लेकर बेहद ही अहम है. अगर तालाब मछलियों के उपयुक्त नहीं होगा तो न ही मछलियों की ग्रोथ होगी न ही बेहतर प्रोडक्शन होगा. जबकि मछलियों को कई तरह की बीमारी लगने का भी खतरा रहता है. इन सब चीजों से बचाने के लिए मछली डालने से पहले पूरी तैयारी कर लेने में ही समझदारी है. तभी मछली पालन में फायदा होगा.

एक्सपर्ट का कहना हे कि हम दो तरह के तालाब में मत्स्य पालन का काम करते हैं. एक वो तालाब होता है जो बनाया गया हो. जबकि दूसरा तालाब वो होता है जो पुराना तालाब रहता है. यानि इसमें पहले भी मछलियां पाली जा चुकी हैं. दोनों तरह के तालाब, मत्स्य पालन के लिए उपयुक्त बनाने के लिए अलग-अलग तरह से तालाब को तैयार किया जाता है.

बढ़ जाती है आक्सीजन की मात्रा
एटसपर्ट के मुताबिक नए तालाब में हमें तालाब के निर्माण के समय यह ध्यान देना चाहिए कि तालाब का निर्माण आयताकार हो. वहीं तालाब पूरब से पश्चिम की तरफ होना चाहिए. इससे, तालाब के पानी का हवा से संपर्क ज्यादा देर तक बना रहता है. वहीं पानी में घुलित ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ जाती है. इसके अलावा तालाब के बांध भी सुरक्षित रहते हैं. हवा की दिशा वाला बांध अधिक मजबूत होना चाहिए. एक्सपर्ट के मुताबिक तालाब के मिट्टी की जुताई करना चाहिए. जुताई के बाद उसे 3-7 दिन तक सूर्य की रोशनी में सुखने के लिए छोड़ देना चाहिए. उसके बाद जोते हुए भाग पर भारी रोलर से मिट्टी को बैठाना चाहिए ताकि पानी भरने पर उसकी टर्बिडिटी (गंदलापन) कम हो.

कितना करना है चूने का इस्तेमाल
नये तालाब के मिट्टी के पीएच को ठीक करने के लिए पीएच के मान के अनुसार 500-1,000 किलो भखड़ा चूना प्रति हेक्टेयर उपयोग करना चाहिए. उसके 3-5 दिन बाद तालाब की उर्वरता बढ़ाने के लिए जैविक खाद जैसे मवेशी का गोबर 5,000 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर या 2,500 किलो वर्मी खाद प्रयोग करना चाहिए. रासायनिक खाद में यूरिया 125-150 किलोग्राम / हेक्टेयर एस एस पी-250-300 किलोग्राम / हेक्टेयर उपयोग करना चाहिए. इसके बाद पानी भरना चाहिए. पानी की गहराई 1.50 मी0 (5-6 फीट) होनी चाहिए. वहीं पुराने तालाब से पानी पूरी तरह से बाहर निकाला जा सकता है.

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