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Camel Milk: ऊंट के दूध को पीने का फायदा है या नुकसान, कैसा होता है स्वाद, पढ़ें ऐसे ही सवालों के जवाब

camel milk benefits
प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली. जब दूध की बात आती है तो सबसे पहले जेहन में नाम गाय-भैंस का आता है. ज्यादातर लोग गाय-भैंस का दूध पीते हैं. इसमें से भी गाय का दूध ज्यादा पौष्टिक माना जाता है. हालांकि इसके अलावा भी कई और पशु हैं, जिनका दूध पौष्टिक होता है. इसमें बकरी का नाम भी आता है. वहीं हम आज इस आर्टिकल में ऊंट की बात करने जा रहे हैं. जिसको लेकर नेशनल रिसर्च सेंटर आन कैमेल की ओर से बताया गया कि कि ऊंट के दूध का सेवन करने का क्या-क्या फायदा है. वहीं NRCC ने ऊंट के दूध के इस्तेमाल लेकर अक्सर लोगों के जेहन में आने वाले कुछ सवालों के जवाब भी दिए हैं.

आप भी ऊंट के दूध के बारे में जानना चाहते हैं तो इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें, जिसके बाद आपको ऊंट के दूध की खासियत और इसमें क्या—क्या क्वालिटी होती है इसकी जानकारी मिल जाएगी. वहीं ऊंट केे दूध का पीने से फायदा है या नुकसान, इसकी जानकारी भी हो जाएगी.

NRCC: ऊंट का दूध पीने से जुड़े 12 सवाल और रिसर्च सेंटर के जवाब

प्रश्न: क्या ऊंट का दूध नमकीन होता है?

उत्तर: हां, दूध थोड़ा नमकीन होता है, लेकिन इसका स्वाद अच्छा रहता है. यह नमकीनपन रेगिस्तान में ऊंट द्वारा खाए जाने वाले पौधों के प्रकार के कारण हो सकता है.

प्रश्न: क्या ऊंट के दूध कम वक्त तक चलता है?

उत्तर: नहीं, ऊंट के दूध को अन्य दूध की तुलना में कमरे के तापमान पर अधिक समय तक रखा जा सकता है. वैज्ञानिकों ने बताया है कि ऊंट के ताजे दूध को 30 डिग्री सेल्सियस पर 8 घंटे तक रखा जा सकता है. पाश्चराइज्ड ऊंट के दूध को 4 डिग्री सेल्सियस पर 10 दिनों से अधिक समय तक रखा जा सकता है और जब लैक्टोपेरोक्सिडेस सिस्टम सक्रिय होता है, तो ताजा दूध को 30 डिग्री सेल्सियस पर लगभग 20 घंटे तक संग्रहीत किया जा सकता है.

प्रश्न: क्या ऊंट का दूध अन्य दूध की तुलना में गाढ़ा होता है?

उत्तर: नहीं, ऊंट का दूध गाय, भैंस, भेड़, बकरी, याक आदि के दूध की तुलना में पतला और कम चिपचिपा होता है, लेकिन जब दूध को हिलाया जाता है, तो यह झागदार हो जाता है और गाढ़ा दिखाई देता है.

प्रश्न: क्या ऊंट के दूध के सेवन से दस्त होता है?

उत्तर: नहीं, ऊंटनी के दूध के सेवन से लोगों में दस्त नहीं होते, लेकिन यह कुछ हद तक रेचक प्रभाव डालता है और पेट साफ करने में मदद करता है.

प्रश्न: ऊंटनी के दूध से दही नहीं बनाया जा सकता, क्यों?

उत्तर: दही बनाने की प्रक्रिया के दौरान, ऊंटनी के दूध में फर्मेंटेशन होता है और अन्य दूध की तुलना में इसमें कुछ अधिक समय लगता है. अन्य दूध से मिलने वाले दही की बनावट ऊंटनी के दूध में नहीं आती. ऐसा कई कारणों से हो सकता है, जैसे कि ऊंटनी के दूध में के-कैसिइन की बहुत कम मात्रा, प्रोटीन अणुओं के साथ वसा का गहरा रिश्ता और नमक की उच्च मात्रा के कारण भी हो सकता है.

प्रश्न: क्या ऊंटनी के दूध में वसा की मात्रा अधिक होती है?

उत्तर: नहीं, ऊंटनी के दूध में वसा का प्रतिशत 1.5 से 3.5 के बीच होता है, जो मवेशियों और भैंसों के दूध से कम है.

प्रश्न: क्या ऊंटनी के दूध में अन्य दूध की तुलना में इंसुलिन की मात्रा अधिक होती है?

उत्तर: हां, वैज्ञानिकों ने बताया है कि ऊंटनी के दूध में इंसुलिन की मात्रा अधिक होती है (लगभग 40 µIU/ml).

प्रश्न: ऊंटनी के दूध से दूध उत्पाद बनाए जा सकते हैं या नहीं?

उत्तर: हां, केंद्र द्वारा विभिन्न देशी और पश्चिमी डेयरी उत्पाद तैयार किए गए हैं जैसे- चाय, कॉफी, फ्लेवर्ड मिल्क, किण्वित दूध, पाश्चराइज्ड दूध, कुल्फी, पनीर, मावा, गुलाबजामुन, बर्फी, रसगुल्ला, पेड़ा और दूध पाउडर आदि.

प्रश्न: क्या इंसानों में कुछ बीमारियों को ठीक करने के लिए बिना पाश्चुरीकृत ऊंटनी के दूध का सेवन आवश्यक है?

उत्तर: जैसा कि हम जानते हैं कि गर्मी उपचार के कारण हर खाद्य उत्पाद अपने कुछ पोषक तत्व खो देता है और प्रोटीन और अन्य अवयवों का भी विकृतीकरण होता है और इसलिए इसके कार्यात्मक मूल्य में कमी आ सकती है लेकिन, चूंकि दूध अस्वच्छ स्थिति के कारण उत्पादन, हैंडलिंग और परिवहन के दौरान विभिन्न रोगाणुओं का वाहक होता है, इसलिए हम कभी भी बिना पाश्चुरीकृत दूध के सेवन का सुझाव नहीं देते हैं.

प्रश्न: क्या ऊंटनी के दूध का इंसानों के दवा के तौर पर इस्तेमाल हो सका है?

उत्तर: हां, रिसर्च करने वालों का कहना है कि ऊंटनी के दूध में इंसुलिन की उच्च मात्रा के कारण, इसका सेवन मनुष्यों में टाइप-1 मधुमेह के प्रबंधन में प्रभावी भूमिका निभाता है. यह इसानों में विभिन्न प्रकार के टीबी के स्वास्थ्य प्रबंधन में भी प्रभावी बताया गया है.

प्रश्न: क्या ऊंटनी का दूध गोजातीय दूध से एलर्जी वाले बच्चों के लिए सुरक्षित है?

उत्तर: हां, ऊंटनी के दूध की प्रोटीन संरचना मानव दूध के बहुत करीब है और यह बच्चों में एलर्जी पैदा नहीं करती है.

प्रश्न: क्या ऊंटनी का दूध लैक्टोज इनटॉलेरेंस वाले लोगों के लिए सुरक्षित है?

उत्तर: हां, ऊंटनी के दूध के सेवन से इंसानों में लैक्टोज इनटॉलेरेंस की रिपोर्ट नहीं की गई है.

Written by
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