Home मछली पालन Fish Farming : कैसे पता करें मछली बीमार है हेल्दी, यहां पढ़िए बीमारी के लक्षणाें की पूरी डिटेल
मछली पालन

Fish Farming : कैसे पता करें मछली बीमार है हेल्दी, यहां पढ़िए बीमारी के लक्षणाें की पूरी डिटेल

Interim Budget 2024
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. किसान मछली पालन की तरफ तेजी से रुख कर रहे हैं. मछली पालन करके अपनी आय में इजाफा कर रहे हें. इंसानों के शरीर को स्वस्थ रखने के लिए प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, खनिज लवण आदि की ज्यादा जरूरत होती है. जिसकी पूर्ति मछली से बहुत ही आसानी से की जा सकती है. एक्सपर्ट का कहना है कि मछलियों में लगभग 70-80 प्रतिशत पानी, 13-22 प्रतिशत प्रोटीन, 1-3.5 प्रतिशत खनिज पदार्थ एवं 0.5-20 प्रतिशत चर्बी पायी जाती है. जिस कारण मछली का आहार काफी पौष्टिक माना गया है. इसलिए मछली की मांग आने वाले वक्त में और ज्यादा बढ़ेगी और ये सेक्टर ज्यादा मुनाफे वाला साबित होगा.

पशुपालन हो, पोल्ट्री या फिर मछली पालन, बीमारी सभी की दुश्मन है. मछली पालन में भी बीमारी का खतरा बहुत होता है. अगर एक बार मछली को बीमारी होने लगी तो फिर तेजी के साथ मरने लगती है और फिर इसका नुकसान मछली पालक को होता है. इसलिए जरूरी है कि मछली पालक को पता हो कि मछली के बीमार होने के क्या-क्या लक्षण हैं. एक्सपर्ट कहते हैं कि आमतौर पर रोगी मछली को पहचानने का एक बहुत आसान तरीका यह है कि मछली को पलट दें. पलटने पर यदि आंख की पुतली चलती दिखाई दे तो मछली स्वस्थ है और अगर आंख की पुतली न पलटे तो मछली रोगी है. आइए इस खबर में आपको अन्य तरीकों के बारे में भी बताते हैं.

मत्स्य रोगों के सामान्य लक्षण
मछलियों में बीमारियों के लक्षण भिन्न भिन्न होते है. स्वस्थ मछली चमकीली और साफ रंग की होती है एवं शरीर चोट रहित होता है. बीमार मछलियों में अनेक प्रकार के परिवर्तन देखे जा सकते हैं, जिनको निम्न श्रोणियों में बांटा जा सकता है.

1. व्यवहारिक लक्षण

-मछलियों द्वारा दिये गये खाद्य पदार्थों को ग्रहण न करना.

-मछलियों का तालाब के किनारों एवं सतह पर आना.

-पानी के प्रवेश द्वार पर आना एवं खरपतवार के नीचे रहना.

-उल्टा सीधा चक्कर लगाना एवं सुस्त होकर धीरे-धीरे पानी में तैरना.

-मछलियों का एक साथ एकत्र होना.

-कुछ आवाज करने पर भी मछलियों का सतह पर आते रहना.

2. शारीरिक लक्षण

इस तरह के लक्षणों की जांच रोग ग्रस्त मछलियों के परीक्षण से प्राप्त होती है.

-मछलियों के शरीर पर अत्याधिक म्यूकस (लसलसा द्रव्य) का निकलना.

-शरीर के रंग का पीला पड़ जाना या बदरंग होना.

-शरीर के ऊपर छोटे-छोटे घाव या पंखों के नीचे हल्के-हल्के लाल-लाल घाव दिखाई देना.

-शरीर के ऊपर सफेद या काले रंग के दाग या चकत्ते दिखाई देना.

-पेट का फूलना एवं शल्कों का निकलता अथवा शल्कों के बीच में द्रव्य जमा होना.

-मछलियों के पंखों का टूटना अथवा सड़ना.

-मछलियों की आंखों में सूजन आ जाना.

-मछलियों का शरीर अत्यधिक पतला और सिर बढ़ा दिखाई देना.

-गलफड़ों का टूटना एवं सड़ना, इनमें सफेद रंग की ग्रंथि आकार के कोष्ठ का दिखाई देना.

-मछलियों के मुंह की धुधनी का बढ़ जाना.

-गलफड़ों का रंग अत्याधिक गुलाबी दिखाई देना.

-गलफड़ों तथा शरीर के घावों के ऊपर या पंखों में रुई जैसी संरचना का दिखना.

3. आंतरिक लक्ष्ण

-आंतरिक रोग के परिवर्तनों को प्रयोगशाला में मछली के उदर को काट कर देखा जा सकता है.

-आंत एवं बाह्य भित्ति के बीच गाडे़ सड़न वाले द्रव्य (मवाद) अथवा पानी जैसे द्रव्य का निकलना।

-जिगर का रंग असामान्य होना.

-गुर्दों का टूटा या सड़ा दिखाई देना.

-आंत में कृमि आदि का मिलना.

-जिगर, गुर्दे अथवा अन्य आंतरिक अंगों में छोटे-छोटे गांठ (सिस्ट) दिखाई देना.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

Under Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana (PMMSY) and Fisheries and Aquaculture Infrastructure Development Fund (FIDF) the Department of Fisheries has approved the development of post-harvest interface viz- cold storage, fish processing and Marketing infrastructure.
मछली पालन

Fish Farming: बिहार में मछलियों की ब्रांडिंग करने की है तैयारी, मछली किसानों को मिलेगा फायदा

नई दिल्ली. बिहार मछली उत्पादन के मामले में आगे बढ़ रहा है....

मछली पालनसरकारी स्की‍म

Fish Farming Scheme: बिना टेंशन करिए मछली पालन, नुकसान होगा तो सरकार करेगी मदद

नई दिल्ली. बाढ़, चक्रवात, जल प्रदूषण और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण...

Deep Sea fishing vessels, Ice Plants, Livelihood & Nutritional Support have been implemented in Kakinada District.
मछली पालन

Fish Farming: अगले 5 वर्षों में तीन करोड़ टन मछली उत्पादन का लक्ष्य

नई दिल्ली. भारत ने अंतर्देशीय लघु मत्स्य पालन के लिए एक अलग...

मछली पालन

Fish Farming: जयंती रोहू और अमृत कतला मछली पालकर कम वक्त में ज्यादा कमाई का मिलता है मौका

नई दिल्ली. मछली पालन एक बेहतरीन काम है और इसको करके अच्छी...