Home पोल्ट्री Poultry Feed: कम कीमत में घर पर कैसे करें मुर्गी दाना तैयार, यहां जानिए सरल और आसान विधि
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Poultry Feed: कम कीमत में घर पर कैसे करें मुर्गी दाना तैयार, यहां जानिए सरल और आसान विधि

पोल्ट्री शेड के निर्माण के लिए ऊंची भूमि का चयन करना चाहिए. कुछ चट्टान वाली जगह होती है, वे ज्यादा अच्छी होती हैं. शेड ऊंची होती है, तो उसके पास जल का भराव नहीं हो पाएगा.
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. मुर्गी पालन में सबसे अहम चीज है मुर्गियों के लिए दाना. इन दिनों वैसे तो बाजार में कई तरह के पॉल्ट्री फीड आ रहे हैं, लेकिन वे महंगे हैं. बाजार के दाने जैसा दाना आप घर पर ही बना सकते हैं, वह भी घर की चीजों के साथ. अगर आपके पास 50 से सौ मुर्गियां हैं, तो आप इसे घर पर ही तैयार करके उन्हें खिला सकते हैं. इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताते हैं कि घर पर कैसे सस्ता मुर्गी दाना बनाएं.

मुर्गियों की सेहत अच्छे खान-पान से ही बढ़ती है और उन्हें प्रोटीन जैसी खानपान की चीजों को संतुलित मात्रा में दिया जाता है. हम आपको बताते हैं कि कैसे सरल और आसान विधि में मुर्गीदाना बनाएं. वैसे भी किसान भाइयों के लिए मुर्गी पालन आजकल एक अच्छा व्यवसाय बन गया है. लेकिन मुर्गी पालन में आज दाने की कीमत बढ़ती जा रही है. बाजार में एक दाने का बैग करीब दो हजार से 25 रुपये के लगभग आता है. अगर अपने अपने फार्म में या घर में ही देसी या बॉयलर मुर्गियां पाल रखी हैं, तो घर का बना दाना खिला सकते हैं. इसको तैयार करने के लिए कोई भी बाजार की चीज खरीदने की जरूरत नहीं है.

सीधा गेहूं या बाजरा खिलाने से होता है नुकसान
कभी-कभी मुर्गियों को सीधा गेहूं या बाजरा दे दिया जाता है, वह नुकसान कर देता है. मुर्गियों को दाना कैसे खिलाएं और दाना कितना बनाएं, जिससे मुर्गियां ग्रोथ अच्छी करें. आइये जानते हैं. सौ किलोग्राम फीड बनाने के लिए आपको कितना अनाज लेना है, कैसे खिलाना है ये है बनाने का तरीका. आप 55 किलो मक्का ले लीजिए उसके बाद 10 किलोग्राम सोयाबीन और 10 किलो बाजरा, 5 किलो सूखी मछली, 9 किलोग्राम के लगभग गेहूं, और 1 किलो पोल्ट्री फीड जो बाजार का आता है उसे भी आप ऐड कर सकते हैं. एक 10 kg प्री स्टार्टर भी ले सकते हैं, यह सब कुल मिलाकर 100 किलो हो जाएगा. गेहूं, बाजारा, सोयाबीन और मछली को थोड़ा दरदरा पीस लीजिये और बाजार के फीड के साथ उसे मिक्स कर लीजिए. ये आप छोटे चिक्स को ना दें, क्योंकि कभी-कभी छोटे चिक्स ज्यादा विटामिन को एडजस्ट नहीं कर पाते हैं.

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