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Animal News: DAHD ने मांगा राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2025 के लिए आवेदन, यहां पढ़ें डिटेल

दुधारू पशुओं के बयाने के संकेत में सामान्यतया गर्भनाल या जेर का निष्कासन ब्याने के तीन से 8 घंटे बाद हो जाता है.
गाय-भैंस की प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत पशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD) ने पशुधन और डेयरी क्षेत्र के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मानों में से एक, प्रतिष्ठित राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2025 के लिए नामांकन शुरू करने का ऐलान किया है. नामांकन प्रक्रिया 15 अगस्त को शुरू हो गई है और 15 सितंबर तक जारी रहेगी. ये पुरस्कार 26 नवंबर, 2025 को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के अवसर पर प्रदान किए जाएंगे. तमाम अहम जानकारी आपके लिए https://awards.gov.in और https://dahd.nic.in पर उपलब्ध है.

गौरतलब है कि राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत 2021 में शुरू किए गए राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कारों का उद्देश्य दूध उत्पादक किसानों, डेयरी सहकारी समितियों, दूध उत्पादक कंपनियों (एमपीसी), डेयरी किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियनों (एआईटी) के बीच बेहतर लोगों प्रोत्साहित करना है. जिसमें स्वदेशी गायों और भैंसों की नस्लों को प्रोत्साहन देने पर विशेष ध्यान दिया जाता है.

इन कैटेगरी में मिलेंगे ईनाम
स्वदेशी गाय, भैंस का पालन करने वाले सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान.
सर्वश्रेष्ठ डेयरी सहकारी समिति (डीसीएस), दूध उत्पादक कंपनी (एमपीसी).
डेयरी किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ).
सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन (एआईटी).
पूर्वोत्तर क्षेत्र (एनईआर) और हिमालयी राज्यों के लिए विशेष पुरस्कार दिया जाएगा.
एनजीआरए 2025 में प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान तक के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा.

ईनाम में क्या मिलेगा
पहला पुरस्कार पाने पर पांच लाख रुपये मिलेंगे.
दूसरा पुरस्कार पाने वाले को तीन लाख रुपये दिए जाएंगे.
तीसरा ईनाम जीतने पर दो लाख रुपये सरकार देगी.
विशेष पुरस्कार (एनईआर/ हिमालयी राज्य) के लिए भी दो लाख रुपये का नकद दिया जाएगा.

कितनी नस्लों का करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन
मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत पशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD) की ओर से बताया गया है कि गायों की 53 नस्लों के लिए आवेदन किया जा सकता है. जबकि भैंस के लिए 20 नस्लों के लिए आवेदन किया जा सकता है.

Written by
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