Home पशुपालन Lumpy: यहां मंडराया लंपी का खतरा, कई मवेशी संदिग्ध मिले, दो की मौत, कर्मचारियों की छुट्टी कैंसिल
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Lumpy: यहां मंडराया लंपी का खतरा, कई मवेशी संदिग्ध मिले, दो की मौत, कर्मचारियों की छुट्टी कैंसिल

दो महीने का टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है, जिससे रोग के प्रसार को समय रहते रोका जा सके.
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. हरियाणा के हिसार ​जिले में लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) के कई केस मिलने के बाद पशुपालन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हांसी क्षेत्र में कुछ मवेशियों में लंपी के लक्षण पाए गए हैं, जिनमें से दो की मौत भी हो चुकी है. इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है. यही वजह है कि विभाग ने बुधवार का छुट्टी रद्द कर दिया और स्टाफ को फील्ड में ही तैनात रहने के निर्देश दिए हैं. ताकि किसी गंभीर स्थिति पर काबू पाया जा सके. इसके साथ ही सभी कर्मियों से रिपोर्ट मांगी है ताकि पूरे जिले की स्थिति का आकलन किया जा सके.

इसके अलावा पशुपालन विभाग ने हांसी क्षेत्र के प्रभावित इलाकों में वैक्सीन की खेप भेज दी है. साथ ही गोशालाओं को एहतियात के तौर पर नए पशु लेने पर अस्थायी रोक लगाने के निर्देश दिए हैं. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि लंपी के फैलाव को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम तेजी से उठाए जा रहे हैं.

क्या कदम उठाए गए हैं
डॉ. राजेश मलिक, एसडीओ, पशुपालन विभाग का कहना है कि निगम प्रशासन ने गोअभयारण्य में रखे गए पशुओं के लिए वैक्सीनेशन अभियान चलाया है. इस दौरान मुंहखुर व गलघोंटू बीमारी की वैक्सीन लगाई गई है.

यहां 4,257 गोवंश हैं, जिनमें गाय व नंदी शामिल हैं. निगम प्रशासन का कहना है कि गोवंश की सुरक्षा के लिए निगरानी और उपचार दोनों मोर्चों पर विशेष सावधानी बरती जा रही है.

बताया गया कि सभी वेटरनरी सर्जन से रिपोर्ट देने को कहा है. कुछ ने रिपोर्ट भेज दी है और कुछ की रिपोर्ट बुधवार तक आ जाएगी.

इस रिपोर्ट को संकलित करने के लिए कार्यालय स्टाफ को बुधवार को भी बुलाया गया है. फील्ड स्टाफ को चौकन्ना रहने को कहा गया है.

लंपी के संदिग्ध मामलों को लेकर विभाग ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं.

किसी भी क्षेत्र से बीमारी की सूचना मिलते ही तत्काल सैंपलिंग और रिपोर्टिंग की जाएग़ी.

वहीं, कार्यालय में कार्यरत स्टाफ को फील्ड से आने वाली रिपोर्ट को तुरंत संकलित कर उच्चाधिकारियों को भेजने के निर्देश दिए हैं.

वहीं निगम की पशु पकड़ने वाली टीम और गोअभयारण्य के स्टाफ को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं.

पकड़े जाने वाले पशुओं को कुछ दिनों के लिए अलग-अलग रखा जाएगा. लंपी के लक्षण दिखाई नहीं देने पर ही अन्य गोवंश के साथ रखा जाएगा.

Written by
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