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Fisheries: तालाब में आक्सीजन बनाए रखने के लिए जरूरी है पानी का मैनेजमेंट, जानिए क्या बरतें सावधानियां

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मछलियों की प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. मछली पालन के दौरान कई बातों का ख्याल रखना जरूर होता है. उसी में से एक पानी का मैनेजमेंट करना है. क्योंकि मछली पानी में ही जिंदा रहती है और पानी का साफ होना जरूरी है. इसके साथ ही इस बात भी ख्याल रखना जरूरी होता है कि तालाब में बाहर की मछली या फिर अतिरिक्त मिट्टी आदि न आए. आइए यहां जानते हैं कि जिस तालाब में मछली पालन कर रहे हैं उसका मैनेजमेंट कैसा होना चाहिए. हमें इस दौरान क्या−क्या सावधानियां बरतनी चाहिए.

तालाब में पानी के प्रवेश वाले हिस्से यानि छेद पर ढक्कन लगाएं. ताकि पानी में ऑक्सीजन की मात्रा भी बनी रहे. तालाब के आसपास पानी आने के लिए प्रवेश नाली के पास मिट्टी पास या सीमेंट की व्यवस्था होनी चाहिए. प्रवेश द्वार के पिछले भाग में लगाना चाहिए. नाली की गोलाई का व्याय 15 सेंटीमीटर से 3 सेंटीमीटर होना चाहिए. नाली के मुंह पर जाली लगी होनी चाहिए. ताकि पानी के साथ-साथ कचरा प्रवेश न करे. जिससे तालाब से मछली बाहर ना जा सके और ना ही बाहर की मछली तालाब में आ सके.

नाली पर एक ढक्कन जरूर लगाएंः नाली को एक निश्चित ऊंचाई पर लगाना चाहिए. यदि तालाब बारिश के पानी पर निर्भर है तो वह आने वाले पानी के साथ मिट्टी लाता है, तो तालाब में पानी के प्रवेश द्वारा के पास एक छोटा सा ढक्कन बना दें. ताकि पानी कुछ देर तक उसमें रख सके. इससे मिट्टी गड्ढे में बैठ जाए. जिससे तालाब में अनावश्यक मिट्टी न जाए. छोटे गड्ढे में जमीन मिट्टी की बीच-बीच में सफाई भी करते रहना चाहिए.

तालाब के बहाव को रोका जा सकेः जरूरत पड़ने पर तालाब से पानी को बाहर निकालने के लिए तालाब के तल में नाली लगी होनी चाहिए. इस नाली में तली जाली के अलावा इसे पूरी तरह से बंद करने की व्यवस्था होनी चाहिए. ताकि जरूरत के मुताबिक इस्तेमाल किया जा सके. ताकि पानी की अनावश्यक निकासी को रोका जा सके. तालाब में पानी के अधिक प्रभाव को रोकने के लिए तालाब की लंबाई की दिशा में हो. जिस तालाब में आने वाला ज्यादा पानी निकल सके और उसके बाद को नुकसान भी न हो.

बांध कैसा होना चाहिएः बांध की ऊंचाई तालाब की जमीन से एक मीटर रखना चाहिए. तालाब के बांध की ऊंचाई तालाब के पानी से जितनी कम होगी पानी का हवा से संपर्क उतना ही ज्यादा अच्छा होगा. हवा से पानी में ऑक्सीजन का मिश्रण अच्छा होगा. जिससे पानी में ऑक्सीजन की मौजूदगी रहेगी. बांध की ऊपरी सतह की चौड़ाई कम से कम 2 मीटर से हो. बांध का ढलान तालाब की तरफ कम हो ताकि चढ़ने उतरने में सुविधा हो. मिट्टी कटकर तालाब में भी न जाए. बांध का ढलान तालाब के बाहर की तरफ ज्यादा रखा जा सकता है.

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