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Milk Production: हर दिन सिर्फ 10 रुपए खर्च करके बढ़ाएं पशु का दूध उत्पादन, यहां पढ़ें तरीका

सामान्य तौर पर गाय ढाई से 3 वर्ष में और भैंस तीन से चार वर्ष की आयु में प्रजनन योग्य हो जाती हैं. प्रजनन काल में पशु 21 दिनों के अंतराल के बाद गाभिन करा देना चाहिए.
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. डेयरी फार्मिंग के काम में पशु अगर ज्यादा दूध का उत्पादन करते हैं तो मुनाफा भी ज्यादा होता है. अगर पशु दूध का उत्पादन कम करने लगें तो इससे नुकसान होने लगता है. इसलिए हर पशुपालक की ये कोशिश रहती है कि कैसे पशु ज्यादा से ज्यादा दूध का उत्पादन करे. ताकि डेयरी फार्मिंग के काम में उन्हें अच्छा खासा मुनाफा मिले और उनकी इनकम दिन-ब-दिन बढ़े. वहीं दूसरी ओर सरकार भी चाहती है कि पशुपालन करके किसान अपनी इनकम बढ़ाएं. इस वजह से कई योजनाएं सरकार की ओर से चलाई जा रही हैं.

बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग (Department of Animal and Fisheries Resources) की ओर से अक्सर पशुपालकों को ऐसे टिप्स दिए जाते हैं जिससे वह पशुओं का दूध उत्पादन बढ़ा सकें. आज किस आर्टिकल में लाइव स्टॉक एनिमल न्यूज (Livestock Animal News) आपको इसी के बारे में जानकारी देने जा रहा है कि कैसे आप पशु का दूध उत्पादन बढ़ा सकते हैं

दूध उत्पादन बढ़ाने का तरीका क्या है
यहां बताए जाने वाले तरीके के मुताबिक आप सिर्फ 10 रुपए खर्च करके ही पशु का उत्पादन बढ़ा सकते हैं.

अगर आप पशु का दूध उत्पादन बढ़ाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको 1 किलो आयोडीन नमक की जरूरत पड़ेगी.

वहीं 1 किलो काला नमक और 1 किलो सेंधा नमक भी आपको लेना होगा. यानी तीन तरह के नमक से आप पशु का दूध उत्पादन बढ़ा सकते हैं.

कम दूध उत्पादन करने वाले पशु का दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए इन तीनों नमक को मिक्स करके एक जार में भर दें.

हर दिन 50 ग्राम मिक्स नमक पशु को चारे में मिलाकर खिलाना शुरू कर दें.

वहीं हफ्ते में तीन बार 50 ग्राम मीठा सोडा, शाम को फीड में मिलाकर देना शुरू करें.

अगर इस फार्मूले का इस्तेमाल करते हैं तो इससे पशु की भूख का प्यास बढ़ेगी.

उसकी पाचन शक्ति मजबूत होगी और खाया पिया अच्छे से लगेगा. जिससे दूध में इजाफा होगा.

नमक और मीठा सोडा पशुओं के लिए बहुत फायदेमंद है और इससे पशुओं में कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता है.

निष्कर्ष
अगर पशु ज्यादा दूध का उत्पादन करता है तो फिर डेयरी फार्मिंग का काम तेजी से आगे बढ़ता है. जिसका फायदा पशुपालकों को मिलता है.

Written by
Livestock Animal News Team

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