Home डेयरी Milk Production: किस तरह से बनता है पशु के शरीर में दूध, इस विज्ञान के बारे में जानें यहां
डेयरी

Milk Production: किस तरह से बनता है पशु के शरीर में दूध, इस विज्ञान के बारे में जानें यहां

Animal Husbandry: Milk animals can become sick in extreme cold, adopt these methods to protect them from diseases.
प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली. जब भी हम किसी दुधारू पशु की बात करते हैं और ज्यादा दूध देने वाले पशु की बात करते हैं तो इसमें मिल्क वैन की भी बात होती है. आपने मिल्क वैन के बार में किसी न किसी से जरूर सुना होगा. अगर नहीं जानते हैं तो यहां हम बताएंगे और ये भी बताएंगे कि इसकी अहमियत क्या है. जब पशुपालक भाई गाय-भैंस के आप नीचे देखेंगे तो अडर यानि थन के आगे वाले हिस्से से उसी जगह पर दो मिल्क वैन होती है. इसे दो पाइप भी मान सकते हैं. दोनों तरफ ये मिल्क वैन चमड़ी के बिल्कुल नीचे होती है और मिल्क वैन में जो खून दौड़ता है वो अडर से हार्ट की तरफ जाता है. आपको बता दें कि यही मिल्क वैन है जो दूध को उत्पादित करता है और दूध बढ़ाता है. आइए इस बारे में डिटेल से जानते हैं.

एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि मिल्क वैन खून को हार्ट की तरफ लेकर जाती है. यह प्रक्रिया यहां पर लगातार होती रहती है. आप सभी को ये मालूम ही होगा कि दूध बनने के लिए खून की जरूरत होती है. हालांकि इस दूध को बनाने में मिल्क वैन की अहमियत ज्यादा होती है. इस बात को समझना भी बेहद जरूरी है. हालांकि मिल्क वैन की अहमियत को समझने से पहले हमें यहां ये समझ लेना चाहिए कि आखिर एक लीटर दूध बनाने के लिए कितने खून की जरूरत कितनी होती है.

ब्लड सर्कुलेशन से पूरी होती है खून की जरूरत
आपको बता दें कि 1 लीटर दूध बनाने के लिए 500 लीटर बल्ड की जरूरत पड़ती है. हो सकता है कि आप ये सवाल करें कि 500 लीटर दूध कहां से पशु के शरीर में आएगा. वहीं अगर 5 क्विंटल वजन वाली गाय की बात की जाए तो उसकी बॉडी में लगभग 30 लीटर खून होता है तो ऐसे में 500 लीटर खून कहां से आता है. जबकि गाय अगर 10 लीटर दूध दे रही है तो उसके लिए 5 हजार लीटर लीटर खून की जरूरत पड़ेगी. एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि यह खून ब्लड सर्कुलेशन से आता है और इस ब्लड सर्कुलेशन में अहम भूमिका निभाती है मिल्क वैन.

ऐसे पशु ज्यादा करते हैं दूध उत्पादन
एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि पशुओं के शरीर में लगातार बल्ड दौड़ता रहता है और इसी वजह से 30 लीटर खून 500 लीटर में तब्दील हो जाता है. इस काम को करने में मिल्क वैन का अहम रोल होता है. यही खून को अडर से हार्ट और हार्ट से अडर तक दौड़ाता है. वहीं जिस गाय और भैंस लंबाई में ज्यादा होती है उसकी मिल्क वैन भी लंबी होती है. उतना ही उसे पशु का दूध उत्पादन ज्यादा होता है. क्योंकि ब्लड सर्कुलेशन ज्यादा होगा. इसलिए दूध उत्पादन भी ज्यादा होगा.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

डेयरी

Dairy: दिल्ली में डेयरी कॉलोनियों से निकलने वाला गोबर यमुना में नहीं जाएगा

नई दिल्ली. केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह व केंद्रीय मत्स्यपालन,...

डेयरी

NDDB: बायोप्सी किए गए IVF भ्रूणों से देश के पहले बछड़ों का हुआ जन्म

नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड NDDB की अत्याधुनिक OPU-IVEP-ET सुविधा ने,...

This scheme aims at the development and conservation of indigenous breeds, genetic upgradation of bovine population, enhancement of milk production and productivity of bovines thereby making dairying more remunerative to farmers. The following steps have been undertaken under the scheme.
डेयरी

Dairy: गर्मियों में दूध उत्पादन बनाए रखने के वैज्ञानिक तरीकों पर करें काम

नई दिल्ली. गर्मियों के मौसम में पशुओं का दूध उत्पादन बनाए रखना...

NPDD scheme is being implemented to enhance quality of milk and milk products and increase share of organized milk procurement.
डेयरी

Milk Production: पशु के दूध में फैट कम होने के हैं तीन मुख्य कारण, बढ़ाना भी है बेहद ही आसान

नई दिल्ली. गाय-भैंस यदि भरपूर दूध का उत्पादन करे लेकिन दूध के...