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Milk Production: यूपी में बढ़ेगा दूध उत्पादन और ग्रामीणों की इनकम होगी दोगुनी, जानें क्या है सरकार का प्लान

पशुओं को खनिज मिश्रण (मिनेरल पाउडर) खिलाना चाहिए.
प्रतीकात्मक फोटो। livestockanimalnews

नई दिल्ली. पशुपालन करके दूध से अच्छी कमाई की जा सकती है. यही वजह है कि बहुत से किसान अब पशुपालन में भी हाथ आजमा रहे हैं. वहीं सरकार भी चाहती है कि पशुपालन के जरिए किसानों की आय बढ़ाई जाए. इसको लेकर केंद्र सरकार से लेकर राज्य की सरकारें कई योजनाएं चलाती हैं. इसी कड़ी में अब उत्तर प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाने को लेकर योगी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. योगी सरकार की ओर से प्रदेश में ए-हेल्प कार्यक्रम की शुरुआत की गई है. कहा जा रहा है कि इससे यूपी में दूध उत्पादन तो बढ़ेगा ही साथ ही ग्रामीण इलाके के लोगों को फायदा भी होगा.

इसके लिए योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने 10 हजार पशु सखियों को ट्रेनिंग देने का फैसला किया है. दरअसल, सरकार ने यह फैसला ग्रामीण आबादी और पशुपालकों की आय बढ़ाने को लेकर किया है. ताकि उन्हें इसका फायदा हो सके. यूपीएसआरएलएम और पशुपालन विभाग की ओर से पायलट प्रोजेक्ट के तहत 25 जिलों के 50 विकास खंडों में यह योजना लागू की जा रही है. जहां पर पशु सखियों को ट्रेनिंग दी जाएगी.

60 हजार रुपये तक बढ़ेगी इनकम
कहा जा रहा है कि शुरुआत में 2000 पशु सखियों को हेल्प एजेंट के तौर पर शामिल किया जाएगा और उन्हें दूध उत्पादन की बारीकियां के बारे में सिखाया जाएगा. एक्सपर्ट उन्हें ट्रेंड करेंगे. वहीं 2 साल में 10 हजार एजेंट को प्रशिक्षित करने का टारगेट सेट किया गया है. ए—हेल्प कार्यक्रम के तहत सखियों की वार्षिक आय में 60 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी करने का दावा किया जा रहा है. मिशन के डायरेक्टर का कहना है कि इस हेल्प कार्यक्रम का मकसद अच्छी नस्ल के पशुओं की संख्या को भी बढ़ावा है. कार्यक्रम के तहत कवर किए गए जिलों और विकास खंडो में मिशन स्टाफ का ऑपरेशन पूरा किया भी जा चुका है.

लोगों को मिलेगा रोजगार
इसके अलावा पशु सखियों को जरूरी कौशल और ज्ञान से लैस करने के लिए ट्रेनिंग योजनाएं भी डेवलप की जा चुकी हैं. ताकि वह अपनी भूमिकाओं को सही ढंग से लागू कर सकें. वहीं इसके लिए यह हेल्प कार्यक्रम कार्यालय के लिए मंच भी तैयार किया गया है. ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन डायरेक्टर की ओर से कहा गया है कि ग्रामीणों की आय बढ़ाने और उच्च गुणवत्ता के दूध को बढ़ाने में मदद मिलेगी. रोजगार का भी एक अवसर खुलेगा. उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार लगातार इसी तरह कार्यक्रम चलाया चल रही है. इसी के तहत पायलट प्रोजेक्ट के तहत 25 जिलों के 50 विकास करो में संचालन किया जाएगां.

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