Home पशुपालन Nattive Breed Of Gujrat: गुजरात की पहचान है हलारी गधा, आइये जानते हैं इसकी खासियत के बारे में
पशुपालन

Nattive Breed Of Gujrat: गुजरात की पहचान है हलारी गधा, आइये जानते हैं इसकी खासियत के बारे में

हलारी गधे की औसत ऊंचाई 108 सेमी और गधी की 107 सेमी होती है. गधे की औसत लंबाई 117 सेमी और गधी 115 सेमी की होती है. एक दिन में यह गधे 35 से 40 किमी तक का सफर तय कर लेते हैं.
हलारी गधा का प्रतीकात्मक फोटो।

नई दिल्ली. देश में हलारी गधों की संख्या इतनी कम है कि इस दूध की उपलब्धता बेहद कम और मुश्किल भी है. आज हम आपको गधों की एक ऐसी नस्ल के बारे में बता रहे हैं जिसका दूध कॉस्मेटिक आइटम के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है. गधे की ये नस्ल गुजरात में पाई जाती है. आइये जानते हैं हलारी गधा के बारे में. हलारी गधा के दूध का इस्तेमाल दवा और कॉस्मेटिक आइटम बनाने में किया जाता है. हलारी गधी का दूध 15 सौ से दो हजार रुपये लीटर तक बिक जाता है. एक दिन में अच्छी हेल्थ की हलारी गधी 800 ग्राम से लेकर एक लीटर तक दूध देती है. देश में बहुत से ऐसे लोग हैं जिन्हें गाय-भैंस और भेड़-बकरी के दूध से एलर्जी होती है. लेकिन गधी का दूध गाय-भैंस के दूध से बहुत ही बेहतर है. इतना ही नहीं छोटे बच्चों के लिए तो यह मां के दूध जैसा है.

वैसे तो सभी नस्ल की गधी का दूध अन्य जानवरों की अपेक्षा काफी महंगा होता है, लेकिन हलारी गधी का दूध दूसरी नस्ल की गधी के मुकाबले कई गुना ज्यादा महंगा होता है. गधी का दूध का प्रयोग दवाईयों के साथ-साथ कॉस्मेटिक आइटम बनाने के काम आता है. देश में बहुत से ऐसे लोग हैं जिन्हें गाय-भैंस और भेड़-बकरी के दूध से एलर्जी होती है. लेकिन गधी का दूध गाय-भैंस के दूध से बहुत ही बेहतर है. इतना ही नहीं छोटे बच्चों के लिए तो यह मां के दूध जैसा है.

हलारी गधा की ये होती है पहचान: आमतौर पर लोग गधों की नस्ल के बारे में नहीं जानते, मगर इनकी भी कई प्रमुख नस्लें होती हैं. अगर हम हलारी गधे के बारे में बात करें तो आमतौर पर सफेद रंग के होते हैं. मुंह और नाक के पास की जगह काली होती है. इनके खुर भी काले होते हैं. माथा ज्यादातर उभरा होता है. हलारी गधे का शरीर मजबूत और दूसरे गधों के मुकाबले आकार में बड़ा होता है. हलारी गधे की औसत ऊंचाई 108 सेमी और गधी की 107 सेमी होती है. गधे की औसत लंबाई 117 सेमी और गधी 115 सेमी की होती है. एक दिन में यह गधे 35 से 40 किमी तक का सफर तय कर लेते हैं.

हलारी गधा की खासियत: हलारी नस्ल के ज्यादातर गधे मालधारी समुदाय के ही पास हैं. पशुओं को माल और जो पशुओं के मालिक हैं उन्हें धारी कहा गया है. इन्हीं दो शब्दों को मिलाकर मालधारी बना है. मालदारी समुदाय खासतौर पर गुजरात के जामनगर, द्वारका और राजकोट में रहता है. ये समुदाय उत्तर प्रदेश राजस्थान से गया है. इनका पूरा जीवन यापन पशुओं के पालने पर ही निर्भर करता है. साल के 7 से 8 महीने यह लोग पशुओं को चराने के लिए घर से बाहर रहते हैं.

दूध की ये है खासियत: गधी के दूध में वसा की मात्रा कम होती है. इसमें वसा की मात्रा सिर्फ एक फीसद तक ही होती है. जबकि गाय-भैंस और मां के दूध में वसा की मात्रा तीन से छह फीसदी तक ही होती है. अगर दूध के उत्पादन दिनभर में एक गधी अधिकत्तम डेढ़ लीटर तक दूध देती है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

goat farming
पशुपालनमीट

Goat Farming: बकरियों को एक ही चारागाह में ज्यादा समय तक न चराएं

नई दिल्ली. पशुपालन करने की सोच रहे हैं और बजट भी ज्यादा...

पशुपालन

Animal Fodder: चारा चारा स्टोर करने में अपनाएं सही तरीका, सालभर नहीं होगी कमी

नई दिल्ली. पशुपालन के काम में चारे का सही भंडारण यानी स्टोरेज...

goat farming for milk
पशुपालन

Goat Farming Tips: गर्भवती बकरी को खराब रास्ते पर न चलाएं, खुराक में दाना मिश्रण खिलाएं

नई दिल्ली. पशुपालन में पशुपालकों का फायदा तब दोगुना हो जाता है,...

हरित प्रदेश मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन सदस्यों को बोनस का तोहफा दिया जा रहा है.
पशुपालन

Animal Husbandry: गर्मी से पशुओं को बचाना है बेहद आसान, बस कुछ उपाय करें

नई दिल्ली. गर्मी का महीना शुरू हो चुका है. दोपहर के वक्त...