Home पशुपालन Pashu Mela: पशु मेले में एक करोड़ की ईनाम राशि लगी है दांव पर
पशुपालन

Pashu Mela: पशु मेले में एक करोड़ की ईनाम राशि लगी है दांव पर

ब्रुसेलोसिस ब्रुसेला बैक्टीरिया के कारण होता है जो मुख्य रूप से पशुधन (जैसे गाय, भेड़, बकरी) में पाए जाते हैं.
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. सरकार की तरफ से हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में सरकारी स्तर पर पहली बार राज्यस्तरीय पशु मेले का आयोजन किया गया है. ये मेला 6 फरवरी से शुरू हो चुका है. पशु मेला 6 से 8 फरवरी तक चलना है. इस मेले में राज्य में मौजूद 62 लाख पशुओं में बेहद खास पशुओं को ही लाया गया है. केडीबी मेला ग्राउंड में मेला आयोजित किया गया है और इसको लेकर प्रतिभागियों में उत्सुकता नजर आ रही है. इस बार में मेले में तीनों दिन मिलाकर कुल 1500 पशु पहुंचेगे. वहीं इसमें 1300 के करीब गाय और बाकी अन्य पशु होंगे.

हरियाणा राज्य सरकार की ओर से आयोजित किए गए इस खास पशु मेले में जिस पशु को विजेता घोषित किया जाएगा, उसे रैंप पर लाया जाएगा. पशु रैंप पर कैटवॉट करते हुए नजर आएंगे. जिससे तमाम पशुपालकों को पशुओं को करीब से जानने का मौका मिलेगा. वहीं यहां पशु की खासियत, पशुओं की देखभाल का तरीका आदि के बारे में जानकारी मिल सकेगी. इस मेले में आयोजित ब्रीडिंग प्रतियोगिता में जो पशु जीतेगा, उसके मालिक को ढाई लाख रुपए तक का ईनाम दिया जाएगा.

सात तरह के पशुओं की 12 नस्लों है मुकाबला
मेले में सात तरह के पशुओं की 12 नस्लों के बीच मुकाबला है. मुकाबले के लिए 53 सब कैटेगरी में मुकाबले होंगे.

मेले के बारे में बताते हुए उप निदेशक डॉ. अनिल बनवाला ने बताया कि ज्यूरी में 23 सदस्यों को शामिल किया गया है.

इनमें पशु साइंटिस्ट, रिटायर पशु अधिकारी, डाक्टर, हिसार यूनिवर्सिटी, लुवास, एनडीआईआर के एक्सपर्ट, पशु पालन विभाग से सीनियर डॉक्टर आदि शामिल करे हैं.

53 केटेगरी में प्रथम, द्वितीय, तृतीय के अलावा सांत्वना पुरस्कार होंगे. वहीं इन्हीं विजेताओं में से ब्रीड चैंपियन चुने जाएंगे.

गाय, बफैलो में छह ब्रीड़ चैंपियन होंगे. प्रत्येक को ढाई लाख इनाम मिलेगा करीब एक करोड़ के इनाम बांटे जाएंगे.

यही नहीं गौशालाओं की गायों के बीच भी अलग-अलग केटेगरी में प्रतियोगिता होगी. डॉ. बनवाला के मुताबिक यहां मिल्किंग प्रतियोगिता नहीं होगी.

दुधारू पशुओं के बीच ब्रीड चैंपियनशिप मुकाबले होंगे. बता दें कि ऐसे पशु मेलों में मिल्किंग प्रतियोगिता भी मुख्य होती है.

जिसमें देखा जाता है कि 24 घंटे में कोई गाय या भैंस कितना दूध देती है. हाल ही में कुरुक्षेत्र में एक डेयरी फेडरेशन के द्वारा लगाए मेले में एक भैंस ने 29 किलो दूध दिया था.

निष्कर्ष
इस बार इस मेले में मिल्किंग प्रतियोगिता न कराकर ब्रीड प्रतियोगिता कराई जा रही है. जिस लिहाज से ये पशु मेला अन्य पशु मेले से अलग माना जा रहा है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

तोतापरी की बकरी के पालन में बहुत ही कम लागत आती है. तोतापुरी या तोतापरी बकरी कम लागत में पालकर मोटी कमाई की जा सकती है.
पशुपालन

Goat Farming: बकरी पालन में सफल होने के हैं पांच फॉर्मूले

नई दिल्ली. बकरी पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो जरूर...

livestock animal news
पशुपालन

Goat Farming Tips: बकरियों को खिलाएं नमक, सेहत, ग्रोथ और उत्पादन के लिए है जरूरी

नई दिल्ली. बकरी पालन में अच्छा करने के लिए जरूरी है कि...

कीड़े बकरे के पेट में हो जाएं तो उसकी ग्रोथ रुकना तय है.
पशुपालन

Goat Farming News: बकरी हीट में न आए तो सेहत और पोषण की जांच करें, तनाव से दूर रखें

नई दिल्ली. पशुपालन में जानवरों का हीट में आना जरूरी होता है....

पशुपालनमछली पालन

Kisan Mela: किसान मेले में पशुपालन और मछली पालन के फायदे गिनाए

नई दिल्ली. गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना के...