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Poultry: ब्रूडिंग में चूक से ग्रोथ पर पड़ता है असर, मर भी सकते हैं चूजे

अगर चूजों की सही ग्रोथ नहीं होती है तो फिर पोल्ट्री फार्मिंग में ज्यादा फायदा नहीं होता है.
चूजों की प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. मुर्गी पालन में कई बातों का ध्यान रखना चाहिए. जैसे जब इसकी शुरुआत करें तो मुर्गी पालन में शुरुआती दिनों में चूजों को हीट देने के लिए इलेक्ट्रिक ब्रूडर और गैस के ब्रूडर जैसे उपकरणों का इस्तेमाल करना चाहिए. क्योंकि चूजों की सही तापमान पर अगर ब्रूडिंग नहीं की गई तो इससे चूजों में मृत्यु दर दिखाई दे सकती है और उनकी ग्रोथ पर भी असर पड़ सकता है. इसलिए पहले हफ्ते में चूजों को लगभग 35 डिग्री सेल्सियस पर ब्रूडिंग की जानी चाहिए. एक्सपर्ट कहते हैं कि जिसका फायदा अच्छी ग्रोथ से मिलेगा.

वहीं पोल्ट्री एक्सपर्ट कहते हैं कि चूजों की ब्रूडिंग पहले हफ्ते में खासतौर से पहले तीन-चार दिन तक 32 से 35 डिग्री के बीच की जा सकती है. अगर इसे फारेनहाइट में कन्वर्ट किया जाए तो यह तापमान 90 से 95 डिग्री फारेनहाइट बनेगा. पहले हफ्ते के आखिरी दिन तक तापमान को धीरे-धीरे घटाकर 30 डिग्री से 32 डिग्री के आसपास लाना चाहिए.

कब क्या करें, जानें यहां
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि तापमान चूजों की पीठ के स्तर, लीटर या बिछावन से थोड़ा ऊपर मापना चाहिए. ये सही तरीका है.

1 दिन से चार दिनों तक अगर आप चूजों को 32 से 35 डिग्री के बीच तापमान देते हैं तो ठीक है.

इसी तरीके से 4 से 7 दिन तक 32 से 33 डिग्री के बीच में तापमान होना चाहिए.

यहां इस बात का भी ध्यान रखें कि चूजे हीटर के नीचे इकट्ठा हो रहे हैं और चूजे चीं—चीं की आवाज कर रहे हैं तो इसका मतलब ये है कि तापमान कम है.

यदि वो हीटर से बहुत दूर जा रहे हैं और हांफ रहे हैं तो यह इस बात का संकेत है कि तापमान बहुत ज्यादा है.

जबकि चूजे ब्रूडर के समान रूप से आसपास फैले हुए हैं तो ये इस इस बात की ओर इशारा करता है कि चूजों का तापमान सही है.

जैसे अभी ठंड का महीना चल रहा है और सुबह शाम तो ज्यादा ठंड रह रही है. ऐसे में हवाओं के झोंकों से बचाना चाहिए.

पोल्ट्री फार्म के बाहर पर्दे वगैरह लगाना चाहिए. वहीं सुबह शाम इसको अच्छी तरह से ढक देना चाहिए. ताकि ठंडी हवाएं अंदर ना सके.

जब धूप निकल आए तब पर्दों को ऊपर उठा देना चाहिए. जिससे धूप अंदर आ सके और इससे बिछावन की नमी भी दूर हो जाती है.

इसके अलावा वेंटिलेशन होने से अगर पोल्ट्री फार्म में अमोनिया गैस बन रही है तो वह भी बाहर निकल जाएगी. जिससे चूजों की ग्रोथ प्रभावित नहीं होगी.

निष्कर्ष
यहां बताए गए तरीकों से अगर ब्रूडिंग करते हैं तो फिर पोल्ट्री फार्मिंग में नुकसान नहीं होगा और इससे आपको फायदा ही मिलेगा.

Written by
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