Home डेयरी Dairy: PM Modi बोले- धान, गेहूं और गन्ने से कई गुना ज्यादा है इस सेक्टर का सालाना टर्न ओवर
डेयरी

Dairy: PM Modi बोले- धान, गेहूं और गन्ने से कई गुना ज्यादा है इस सेक्टर का सालाना टर्न ओवर

हरित प्रदेश मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन सदस्यों को बोनस का तोहफा दिया जा रहा है.
प्रतीकात्मक फोटो. livestock animal news

नई दिल्ली. भारत दुनिया में सबसे ज्यादा दूध उत्पादन करने वाला देश है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश में 231 मिलियन टन दूध उत्पादन किया गया है, ये तब है जब देश में प्रति पशु दूध देने का औसत अन्य देशों के मुकाबले कम है. बावजूद इसके भारत में डेयरी सेक्टर का सालाना टर्नओवर 10 लाख करोड़ रुपये का है. इतना ही नहीं करोड़ों लोग सीधे तौर पर डेयरी सेक्टर से जुड़े हुए हैं और यही वजह है कि साल दर साल डेयरी सेक्टर ने कई मुकाम हासिल किए हैं. जिसके चलते उत्पादन में 60 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है. जबकि भारत दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले डेयरी सेक्टर में बहुत तेजी के साथ आगे बढ़ने वाला देश बन गया है. जहां दुनिया डेयरी सेक्टर से 2 फीसदी की रफ्तार से बढ़ रही है तो 6 फ़ीसदी से आगे जा है.

पशुपालकों को रुपे क्रेडिट कार्ड ​देंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अमूल के स्वर्ण जयंती कार्यक्रम में कहा कि आज देश में धान, गेहूं और गन्ने को भी मिला दें, तो भी इन फसलों का टर्नओवर 10 लाख करोड़ रुपए नहीं होता. जबकि 10 लाख करोड़ टर्नओवर है. कहा कि मैं अमूल की प्रशंसा करुंगा कि हर गांव में माइक्रो ATM लगने से पशु-पालकों को पैसा निकालने के लिए बहुत दूर जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी. आने वाले समय में पशुपालकों को रुपे क्रेडिट कार्ड देने की भी योजना है. पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पंचमहल और बनासकांठा में इसकी शुरुआत भी हो चुकी है.

दुधारू पशुओं की नस्ल सुधारने पर हुआ काम
कहा कि हमारा फोकस है कि छोटे किसान का जीवन कैसे बेहतर हो. हमारा फोकस है- पशुपालन का दायरा कैसे बढ़े. हमारा फोकस है कि पशुओं का स्वास्थ्य कैसे बेहतर हो. हमारा फोकस है कि गांव में पशुपालन के साथ ही मछलीपालन और मधुमक्खी पालन को कैसे प्रोत्साहित किया जाए. इसी सोच के साथ, हमने पहली बार पशुपालकों और मछलीपालकों को भी किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा दी है. हमने किसानों को ऐसे आधुनिक बीज दिए हैं, जो जलवायु परिवर्तन का मुकाबला कर सकें. भाजपा सरकार, राष्ट्रीय गोकुल मिशन जैसे अभियानों के माध्यम से दुधारू पशुओं की नस्ल सुधारने का भी काम कर रही है.

एफएमडी के लिए मुफ्त टीकाकरण अभियान शुरू किया
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक फुट एंड माउथ डिजीज़- मुंहपका और खुरपका, हमारे पशुओं के लिए बहुत बड़े संकट का कारण रही है. इस बीमारी के कारण हर साल हज़ारों करोड़ रुपए का नुकसान आप सभी पशुपालकों को होता है. इसकी रोकथाम के लिए केंद्र सरकार ने पूरे देश में एक मुफ्त टीकाकरण अभियान चलाया है. इस अभियान पर 15 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए जा रहे हैं. इसके तहत 60 करोड़ टीके लगाये जा चुके है. हम 2030 तक फुट एंड माउथ डिजीज़ को जड़ से खत्म करने के लिए काम कर रहे हैं.

पशुपालकों की आय बढेगी
कहा कि पशुधन की समृद्धि के लिए कल हमारी कैबिनेट की मीटिंग थी, कल जरा कैबिनेट मीटिंग देर रात की थी और कल भाजपा सरकार ने कैबिनेट में बड़े महत्‍वपूर्ण निर्णय लिए हैं. नेशनल लाइवस्टॉक मिशन में संशोधन करके देसी नस्ल की प्रजातियों को बचाने के लिए नए उपायों की घोषणा हुई है. बंजर जमीन को चारागाह की तरह उपयोग में लाने के लिए भी आर्थिक मदद देने का निर्णय़ लिया गया है. सरकार ने पशुधन का बीमा कराने में किसान का कम से कम खर्च हो, इसके लिए प्रीमियम की राशि को भी कम करने का फैसला लिया है. ये फैसले पशुओं की संख्या बढ़ाने, पशुपालकों की आय बढ़ाने में और मददगार साबित होंगे.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

डेयरी

Dairy News: डेयरी सेक्टर को मजबूत करने में सहयोग देगा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय

नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) देश में डेयरी सेक्टर को...

डेयरी

Dairy: एमपी में दूध उत्पादकों को 1609 करोड़ रुपए किया भुगतान, एक साल में 15 फीसद बढ़ा

नई दिल्ली. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को...

डेयरी

Dairy: डेयरी संस्थाओं को मजबूत करने और किसानों को इनकम बढ़ाने के साथ अगली पीढ़ी अवसर भी देगा NDDB

नई दिल्ली. एनडीडीबी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक संस्था एनडीडीबी डेयरी सर्विसेज...

According to FSSAI, Mobile Food Testing Laboratory (MFTL), also known as “Food Safety on wheels” (FSW), play a crucial role in expanding food testing, training, and awareness programs, particularly in villages, towns, and remote areas.
डेयरी

Milk Production: एमपी के छह जिलों में सबसे ज्यादा हुआ है दूध उत्पादन, बढ़ गया टर्नओवर

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश सरकार राज्य को मिल्क कैपिटल बनाने की कोशिशों...