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Poultry Farming Tips: मुर्गियों को ठंड से बचाना है तो नवंबर में पोल्ट्री फार्मर जरूर करें ये काम

layer hen breeds
फीड खाती मुर्गियों की प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. मुर्गियों को भी ठंड से बचाने की जरूरत होती है. क्योंकि ठंड उन्हें भी लगती है और इससे उनमें मृत्युदर भी दिखाई देती है. इसलिए मुर्गियों को ठंड से बचाने का इंतजाम पोल्ट्री फार्म में होना चाहिए. वहीं मुर्गियों को तनाव से भी बचाना जरूरी होता है. केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (CARI) के एक्सपर्ट ने लाइव स्टॉक एनिमल न्यूज (Livestock Animal News) को बताया कि मुर्गियों को ठंड से बचाने के लिए नवंबर के महीने में इंतजाम करना चाहिए. जिससे वो पूरी सर्दी में सेफ रहती हैं.

बात करते हैं पहले तनाव की तो एक्सपर्ट के मुताबिक मुर्गियों को भीड़भाड़ से मुर्गियों को तनाव होता है. तनाव से वे कम खाती हैं और कम अंडे देती हैं. वहीं इसके चलते एक-दूसरे से लड़ भी सकती हैं. यदि उन्हें आरामदायक जगह मिले तो उनमें तनाव कम होता है. उन्हें धूप, ताजी हवा और खेलने की जगह मिलनी चाहिए. इसके चलते उनका व्यवहार शांत रहता है.

क्या इंतजाम करें, जानें यहां
वहीं नवम्बर में ठंड की शुरुआत हो जाती है. रात और सुबह के समय तापमान घटने लगता है, जिससे मुर्गियों में सर्दी, जुकाम और न्यूमोनिया जैसे रोग हो सकते हैं.

इसलिए ब्रूडर (Brooder) क्षेत्र में तापमान नियंत्रण बहुत जरूरी है. छोटे चूजों के लिए तापमान 30-32°C बनाए रखें.

बड़ी मुर्गियों के लिए रात में ठंडी हवा से बचाव के लिए पर्दे या बोरी का प्रयोग करें.

ठंड में मुर्गियों की ऊर्जा की जरूरत बढ़ जाती है, इसलिए उन्हें ऊर्जायुक्त आहार दें.

चारे में मकई, सोयाबीन खल्ली, गेहूं की भूसी और खनिज मिश्रण का संतुलित उपयोग करें.

विटामिन A, D और E की पूर्ति के लिए फीड में सप्लीमेंट डालें, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे.

मुर्गियों को गुनगुना पानी पिलाएं. दिन में धूप निकलने पर मुर्गियों को धूप में 15-20 मिनट छोड़ें, इससे विटामिन D मिलता है.

यदि संभव हो तो शेड में बायोगैस या ब्लोअर हीटर का उपयोग करें ताकि गर्मी समान रूप से फैले.

नए बैच लाने से पहले पुराने बैच के बाद कम से कम 10-15 दिन का खाली समय दें.

पोल्ट्री शेड की साफ-सफाई कर उसमें सूखापन बनाए रखें. फर्श पर सूखी बुरादे या धान की भूसी बिछाएँ और उसे नमी से बचाएं.

निष्कर्ष
यदि पोल्ट्री फार्मिंग में ऐसा कर पाएंगे तो इससे नुकसान का खतरा कम हो जाएगा और पोल्ट्री फार्मिंग में नुकसान नहीं होगा.

Written by
Livestock Animal News Team

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