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Poultry: ब्रॉयलर मुर्गों को दिए जाने वाले पानी का कितना होना चाहिए टीडीएस और पीएच, जानें यहां

प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्मिंग में जिस तरह मुर्गे-मुर्गियों को फीड दिया जाता है. ठीक उसी तरह से पानी भी पिलाया जाता है. पोल्टी एक्सपर्ट कहते हैं की लेयर मुर्गियां जो अंडा देने का काम करती हैं. उन्हें ज्यादा पानी की जरूरत होती है. जबकि ब्रॉयलर मुर्गों को उनके मुकाबला कम पानी की जरूरत होती है. एक्सपर्ट के मुताबिक ब्रॉयलर मुर्गों को उनके वजन के हिसाब से फीड की तुलना में 1.6 से 2.0 गुना ज्यादा पानी देना चाहिए. इससे उनकी पानी की जरूरत पूरी हो जाएगी. ये तो रही पानी देने की बात कि ब्रॉयलर मुर्गों को कितना पानी देना चाहिए लेकिन क्या आपको पता है कि उन्हें हम जितना पानी दे रहे हैं, उसके टीडीएस और पीएच लेवल की भी जांच करना जरूरी होता है.

पोल्ट्री एक्सपर्ट के मुताबिक अगर ब्रॉयलर मुर्गों को दिए जाने वाले पानी के पीएच और टीडीएस लेवल की जांच नहीं होती है तो इससे वो बीमार हो सकते हैं. क्योंकि इसका एक फिक्स पैमाना है कि ब्रॉयलर मुर्गों को दिए जाने वाले पानी में कितना टीडीएस को कितना पीएच होना चाहिए. इसलिए इसकी जांच करना जरूरी है. आप खुद से भी जांच कर सकते हैं. या फिर किसी एक्सपर्ट से इसकी जांच करवा सकते हैं.

ज्यादा या कम होने पर हो सकती है बीमारी
पानी में कितना टीडीएस और कितना पीएच होना चाहिए इसको जानने से पहले यह जान लें कि अगर ब्रॉयलर मुर्गों को दिए जाने वाले पानी में फिक्स पैमाने के मुकाबले कम या ज्यादा टीडीएस और पीएच हुआ तो उन्हें ई-कोलाई जैसी बीमारियां हो सकती हैं. इसका मतलब यह है कि मुर्गों में मृत्युदर दिखाई दे सकती है और पोल्ट्री फार्मिंग के काम में आपको तगड़ा नुकसान हो सकता है. अगर आप नुकसान से बचना चाहते हैं तो हमेशा ही इस बात का ख्याल रखें कि टीडीएस और पीएच लेवल को जरूर चेक कर लें. तभी मुर्गों को पानी पीने के लिए दें. एक्सपर्ट का कहना है कि जब कभी पोल्ट्री फार्मर पोल्ट्री फार्म बनवाते हैं तो वहां का पानी भी जरूर चेक करें कि वहां का पानी ब्रॉयलर मुर्गों के लिए ठीक है या नहीं.

इस तरह चेक करें टीडीएस और पीएच
अब बात की जाए कि ब्रॉयलर मुर्गों को दिए जाने वाले पानी में टीडीएस जिसे टोटल डिसोल्विंग सॉलिड कहा जाता है, कितना होना चाहिए. एक्सपर्ट के मुताबिक ये 200 से लेकर 500 के बीच होना चाहिए. अगर 200 से कम है तो भी मुर्गों के लिए ठीक नहीं है. जबकि 500 से ज्यादा है तो भी सही नहीं है. यानि इसके बीच में रहेगा तो ठीक है. वहीं एक दूसरा टेस्ट भी करना होता है. जिसे पीएच टेस्ट कहा जाता है. पानी का पीएच 6.5 से 7 तक होना चाहिए. अगर ये कम या ज्यादा है तो आपके फॉर्म में बार-बार ई-कोलाई जैसी बीमारी आ जाएगी और इससे मुर्गों में मृत्यु दर दिखाई देगी. इसलिए पोल्ट्री फार्म का पानी टेस्ट करने के लिए आप मीटर खरीद सकते हैं जो टीडीएस और पीएच को बता देगा. जब मीटर को पानी में डालेंगे तो उसमें नंबर आ जाएगा.

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