Home पोल्ट्री poultry Frming: भारत सरकार ने पोल्ट्री फार्मर से मांगे सुझाव, पूछा-कैसे बढ़े चिकन-एग का एक्सपोर्ट, ये बताया तरीका
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poultry Frming: भारत सरकार ने पोल्ट्री फार्मर से मांगे सुझाव, पूछा-कैसे बढ़े चिकन-एग का एक्सपोर्ट, ये बताया तरीका

Central government seeks suggestions from poultry farmers to increase export of chicken-eggs, read details, livestockanimalnews
दिल्ली में बैठक के दौरान चर्चा करते अधिकारी और फार्मर. livestockanimalnews

नई दिल्ली. देश ही नहीं बल्कि दुनिया में मुर्गी पालन क्षेत्र को कृषि का एक अभिन्न अंग माना गया है. ये दोनों क्षेत्र प्रोटीन और न्यूट्रीशन की जरूरतों को पूरा करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं. सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण बात ये है कि जहां फसलों का उत्पादन में प्रत्येक वर्ष 1.5 से दो फीसदी की दर से बढ़ोत्तरी हो रही है वहीं पोल्ट्री सेक्टर आठ से 10 फीसदी की दर से बढ़ रहा है. अगर हम बीते दो सालों की बात करें तो मुर्गी पालन क्षेत्र ने बड़े सेक्टर के रूप में अपनी पहचान बनाई है. भारतीय पोल्ट्री सेक्टर ने चिकन और अंडा उत्पादन में देश ही नहीं इंटरनेशनल स्तर पर पहचान दिलाई है. यही वजह है कि भारत सरकार से लेकर राज्यों की सरकारें और पशुपालन और डेयरी विभाग एक्सपोर्ट को बढ़ाने की हर संभव कोशिश में जुटे हैं. इस बारे में विभाग की सेक्रेटरी अलका उपाध्याय से बकरी तो उन्होंने बताया कि पोल्ट्री सेक्टर समेत अन्य‍ विभागों से जुड़ी बैठक के दौरान एक्सपोर्ट को बढ़ाने के लिए सुझाव भी मांगे हैं.

देश के पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के आंकड़ों पर गौर करें तो साल 2022-23 में हिंदुस्तान ने वैश्विक बाजार में 6.65 लाख मीट्रिक टन पोल्ट्री प्रोडक्ट का एक्सपोर्ट किया था. 57 से अधिक देशों को एक हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा के प्रोडक्ट‍ बेचे गए. डालर में इसकी कीमत 134.04 मिलियन थी. बीते साल ही 2021-22 के मुकाबले देश में 900 करोड़ अंडे और 25 करोड़ मुर्गों का ज्यादा उत्पादन हुआ है.

एक्स़पोर्ट बढ़ाने के लिए पोल्ट्री सेक्टर ने रखी ये मांग
पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इडिया के प्रेसिडेंट रनपाल डाहंडा ने बताया कि मुर्गी पालन क्षेत्र से भी कई लोगों को इस बैठक में बुलाया गया था. बड़ी प्रसन्नता हुई कि भारत सरकार पोल्ट्री प्रोडक्ट का एक्सपोर्ट बढ़ाने को लेकर कोशिश कर रही है. मगर, हमारी सरकार और विभाग से एक मांग ये है कि इंटरनेशनल मार्केट में सस्ता प्रोडक्ट बेचने के लिए सरकार हमे अच्छी गुणवत्ता वाला और सस्ता फीड उपलब्ध कराए. मक्का-सोयाबीन के बढ़ते रेट और उसकी कमी के चलते पोल्ट्री सेक्टर कई बड़ी परेशानियों से जूझ रहा है. अमेरिका और ब्राजील के मुकाबले हमारे यहां फीड के रेट बहुत ज्यादा हैं.

जांच में फेल न हों प्रोडक्ट इसिलए बनाए जा रहे कंपार्टमेंट
बैठक के दौरान विभाग की सेक्रेटरी अलका उपाध्याय ने बताया कि विभाग ने हाल ही में एवियन इन्फ्लुएंजा फ्री की स्व-घोषणा प्रस्तुत की है. एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए विभाग ने देश में 33 पोल्ट्री कंपार्टमेंट को एवियन इन्फ्लूएंजा फ्री माना है. विभाग ने वैधता के आधार पर विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन (WOAH) को भी अधिसूचित किया है. इसी के चलते 13 अक्टूबर, 2023 को एवियन इन्फ्लूएंजा फ्री की स्व-घोषणा को WOAH द्वारा अनुमोदित किया गया था. इसके अलावा, विभाग ने पिछले वर्षों में चारे की कमी की समस्या को हल करने के लिए पहल की है. साथ ही विभाग ने पोल्ट्री प्रोडक्ट के खिलाफ कोविड काल के दौरान देश भर में फैली भ्रामक सूचनाओं का मुकाबला करने के लिए भी कदम उठाए हैं.

Written by
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