नई दिल्ली. फरवरी का महीना तकरीबन आधा गुजर चुका है और मार्च का महीना करीब है. ऐसे में इस वक्त न तो ज्यादा ठंड है और ना ही ज्यादा गर्मी. हां इतना जरूर है कि रात में ठंड रह रही है और दोपहर में गर्मी का एहसास हो रहा है. ऐसे में एक मुर्गी पालक के तौर पर इसका प्रबंधन करना भी आना चाहिए. क्योंकि अभी तक मुर्गियों को ज्यादा ठंड से बचाने की कवायद की जा रही थी लेकिन अब जब ठंड और गर्मी दोनों सामान्य है तो ऐसे में अलग तरीके से मुर्गियों की देखभाल की जाती है. जिससे मुर्गियों की ग्रोथ अच्छी होती है और पोल्ट्री फार्मिंग के काम में पोल्ट्री फार्मर को फायदा होता है.
पोल्ट्री एक्सपर्ट कहते हैं कि खास तौर पर रात के समय में जब ठंड ज्यादा रहती है तो पोल्ट्री फार्म की दीवारों पर पर्दे रहने चाहिए. ताकि ठंडी हवा मुर्गियों को परेशान ना कर सके. दिन में वेंटिलेशन के तौर पर पर्दों को हटा देना चाहिए. ताकि हवा का बहाव अंदर बाहर हो सके. इसके अलावा भी कई बातों का ध्यान दिया जाना चाहिए. आइए इस बारे में डिटेल से जानते हैं
क्या-क्या करना है, जानें यहां
एक्सपर्ट का कहना है कि जब दिन में धूप निकले तो पर्दे को हटा दें. ताकि अमोनिया गैस पोल्ट्री फार्म से बाहर निकल जाए.
मुर्गियों के बिछौना यानी भूसा को सूख रखना चाहिए. अगर भूसा गीला हो जाए तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए नहीं तो मुर्गियों को बीमारियां लग सकती हैं.
मुर्गियों के लिए तापमान 85 से 95 डिग्री फारेनहाइट जरूरी होता है. बहुत ज्यादा ठंड होने में हीटर या बल्ब का इस्तेमाल कर सकते हैं.
अगर अंडा देने वाली लेयर मुर्गियों को पाला हुआ है तो सुबह शाम अतिरिक्त रोशनी का प्रबंध जरूर करें. मार्च में बढ़ते दिनों के साथ कृत्रिम रोशनी धीरे-धीरे कम कर दें.
मुर्गियों के शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए उन्हें अतिरिक्त ऊर्जा की जरूरत होती है. इसलिए फीड में ऊर्जा से भरपूर चीजों को शामिल कर दें.
इन दोनों महीना में भी मुर्गियों को साफ और ताजा पानी पिलाते रहें. वहीं अंडा देने वाली मुर्गियां को अतिरिक्त कैल्शियम दें. क्योंकि इससे अंडा उत्पादन बढ़ जाएगा.
बीमारियों से रोकथाम के लिए वैक्सीनेशन जरूर करवा दें. बीमार मुर्गियों को तुरंत स्वस्थ मुर्गियों से अलग-अलग कर दें.
निष्कर्ष
एक्सपर्ट का कहना है कि यदि इतना भी एक मुर्गी पालक के तौर पर आपने कर लिया तो फिर मुर्गियों को बीमारियों से बचा पाएंगे. वो हैल्दी रहेंगी और फिर इससे उत्पादन बेहतर मिलेगा.












