नई दिल्ली. जून का महीना चल रहा है. इन दिनों भीषण गर्मी है. ऐसे में मुर्गी पालकों को सचेत रहने की जरूरत है. मुर्गी पालन के काम में भी गर्मी की वजह से बेहद ही नुकसान होता है. क्योंकि मुर्गियां ज्यादा तापमान को सह नहीं पाती हैं. पोल्ट्री एक्सपर्ट कहते हैं कि मुर्गियों के लिए बहुत कम तापमान भी खतरनाक होता है और बहुत ज्यादा भी इसलिए एक मुर्गी पालक के तौर पर बहुत ज्यादा एहतियात बरतने की जरूरत होती है. खासतौर पर तब जब टेंपरेचर 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है और इसके और ज्यादा बढ़ाने के भी आसार हैं.
अगर आप मुर्गी पालक हैं तो ये रिपोर्ट आपके काम की हो सकती है. क्योंकि बिहार सरकार के डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग (Dairy Fisheries and Animal Resources Department) की ओर से मुर्गी पालकों के लिए कुछ खास एडवाइजरी जारी की गई है. इसमें बताया गया है कि जून की इस भीषण गर्मी में मुर्गी पालकों को क्या करना चाहिए. अगर आप यह जानना चाहते हैं तो इस रिपोर्ट को पूरा पूरा पढ़ें. क्योंकि एहतियात से फायदा हो सकता है, जबकि लापरवाही से नुकसान.
क्या काम करना चाहिए
पोल्ट्री एक्सपर्ट कहते हैं कि जून के महीने में मुर्गियों में मृत्यु दर बहुत ज्यादा बढ़ जाती है.
एक्सपर्ट का ये भी कहना है कि इस दौरान अंडे मांस के उत्पादन में भी कमी आने का खतरा ज्यादा रहता है.
ऐसे में मृत्यु दर और उत्पादन को कम होने से रोकने के लिए मुर्गियों को 24 घंटे इलेक्ट्रोलाइट वाला पानी उपलब्ध करना चाहिए.
पोल्ट्री फार्मिंग के दौरान शेड के अंदर बेहतर वेंटिलेशन का इंतजाम भी जरूरी होता है.
सिर्फ ठंडे समय यानि सुबह और शाम में ही मुर्गियों को दाना देना चाहिए, नहीं तो उनकी बॉडी का टेंपरेचर बढ़ जाएगा.
इस महीने में मुर्गियों के शरीर का तापमान बहुत तेजी से बढ़ता है. इस बात का ध्यान मुर्गी पालकों को रखना चाहिए.
जून में दोपहर के समय पानी के पाइप और टैंक को सीधी धूप से बचाना चाहिए. ताकि मुर्गियां ठंडा पानी पी सकें.
पानी के अंदर इलेक्ट्रोलाइट या विटामिन सी जरूर मिलाएं. जिससे पोल्ट्री बर्ड को डिहाइड्रेशन से बचाया जा सकता है.
निष्कर्ष
पोल्ट्री एक्सपर्ट कहते हैं अगर इतना भी काम मुर्गी पालक अच्छे से कर लें तो मुर्गियों को गर्मियों से बचा सकते हैं और इससे उन्हें नुकसान भी नहीं होगा.











