Home पशुपालन Animal Husbandry: राजस्थान में कई गांवों में फैली ऊंटों में बीमारी, 15 दिनों में 30 की हो चुकी है मौत
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Animal Husbandry: राजस्थान में कई गांवों में फैली ऊंटों में बीमारी, 15 दिनों में 30 की हो चुकी है मौत

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प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. रेगिस्तान के जहाज ऊंट पर इन दिनों अज्ञात बीमारी कहर बनकर टूटी है. राजस्थान के देगराय ओरण क्षेत्र के 20 गांवों में पिछले 15 दिनों में 30 से अधिक ऊंटों की मौत हो चुकी है. इससे ऊंटपालकों के होश उड़ गए हैं. हैरानी की बात ये है कि बीमारी क्या है, इस बारे में कुछ पता नहीं चल रहा है. ऊंटपालकों की मानें तो इस बीमारी की चपेट में आने से ऊंट 3-4 दिन तक खाना पीना छोड़ देता हैं. उनका शरीर पूरी तरह से सिकुड़ जाता है फिर उनकी मौत हो जाती है. देशी इलाज से भी कोई राहत नहीं मिल रही है. वहीं पशुपालन विभाग के पास इसका कोई इलाज नहीं है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक देगराय ओरण क्षेत्र के सांवता, अचला, मेहराजोत, सांकड़ा, यसला व छोड़िया सहित 20 गांवों में अज्ञात बीमारी पांव पसार चुकी है. देगराय क्षेत्र में 6 हजार के करीब ऊंट हैं. एक ऊंटपालक के तो 3 ऊंटों की मौत हुई है. वहीं एक अन्य की 2 ऊंटनियों इस अज्ञात बीमारी की वजह से मर गईं हैं.

पशुपालन विभाग के बाद इंजेक्शन ही नहीं है
पशुपालन विभाग के पास ऊंटों में फैली संभावित सर्रा रोग के इलाज के लिए दवाइयां ही नहीं है. एक तरफ संभावित सर्रा रोग माना जा रहा है, लेकिन पशुपालन विभाग के पास इंजेक्शन ही नहीं है.

पशु चिकित्सकों के अनुसार सर्रा रोग होने पर आइसोमेटामिडियम क्लोराइड या क्यूनापाइरामीन क्लोराइड इंजेक्शन लगाया जाता है, लेकिन अभी यह इंजेक्शन विभाग के पास नहीं है.

पशुपालकों का कहना है कि पिछले दो तीन दिनों से पशु अस्पताल में इस बीमारी के इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है.

साथ ही आसपास की निजी मेडिकलों पर भी इंजेक्शन नहीं मिल रहा है. ऐसे में बीमार ऊंटों का इलाज नहीं हो रहा है.

ऊंटों में फैली अज्ञात बीमारी के संबंध में पशुपालन विभाग ने पहले देगराय ओरण से सैंपल लिए थे. जिसमें सर्रा रोग होने की पुष्टि हुई है. लेकिन अभी विभाग द्वारा किसी प्रकार का सैंपल नहीं लिया गया है.

विभाग सर्रा रोग मानकर ही इलाज कर रहा है. जबकि पशुपालकों का कहना है कि यह सर्रा रोग नहीं है. सर्रा रोग में ऊंटों के पैरों व गले में सूजन आ जाती है लेकिन इसमें सूजन नहीं आई है. शरीर सिकुड़ रहा है और खाना-पीना बंद हो रहा है.

बता दें कि इन जिले में इन दिनों गायों पर लंपी बीमारी जमकर कहर बरपाया है. सरकारी रिकॉर्ड में अभी तक एक भी गोवंश की मौत की पुष्टि नहीं की गई है.

बताया जा रहा है कि करीब 200 से अधिक गोवंश काल का ग्रास बन चुका है. दूसरी तरफ देगराय ओरण क्षेत्र में अज्ञात बीमारी ऊंटों पर कहर बरपा रही है.

Written by
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