Home पशुपालन Scheme: मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना के जरिए सरकार दे रही मुर्रा भैंस
पशुपालनसरकारी स्की‍म

Scheme: मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना के जरिए सरकार दे रही मुर्रा भैंस

मुर्रा को पालकर पशुपालक दूध से अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं.
प्रतीकात्मक तस्वीर।

नई दिल्ली. देश की तमाम राज्यों की सरकारें इस बात को समझ चुकी हैं कि पशुपालन के जरिए किसानों की इनकम को बढ़ाना आसान है. इसलिए पशुपालन पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है. किसानों को पशुपालन करने के प्रति प्रेरित किया जा रहा है, ताकि वो पशुपालन करके अच्छी कमाई कर सकें. हालांकि बहुत से किसानों के सामने आर्थिक संकट है, जिसकी वजह से पशुपालन करने में उन्हें दिक्कत आती है. हालांकि सरकार ने किसानों की इस समस्या को भी समझा है और आर्थिक मदद किसानों को दे रही है ताकि वो इस काम में आग आएं.

बात अगर मध्य प्रदेश सरकार की करें तो राज्य सरकार की तरफ से यहां मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और मुख्यमंत्री डेयरी प्लस जैसी कई योजनाएं हैं. जिसका फायदा उठाकर पशुपालन का काम शुरू किया जा सकता है और कामयाब डेयरी व्यवसायी बना जा सकता है. कई लोगों इसे सच कर दिखाया है.

समृद्धि की मिसाल बन गई मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना
मध्य प्रदेश सरकार पशुपालकों और किसानों की आय बढ़ाने के लिए डेयरी क्षेत्र को लगातार मजबूत कर रही है.

इसी कड़ी में राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना के जरिए पशुपालकों को बड़ा लाभ देने की पहल की है.

इस योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को 2 मुर्रा भैंसे उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि वे डेयरी वो व्यवसाय शुरू कर सकें और अपनी आय में बढ़ोतरी कर सकें.

योजना के तहत प्रति यूनिट लागत 2 लाख 95 हजार रुपए निर्धारित की है. योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को रोजगार और आय का मजबूत माध्यम बनाना है.

मुर्रा नस्ल की भैंसों को ज्यादा दूध उत्पादन के लिए जाना जाता है. सरकार का मानना है कि इस योजना से पशुपालकों को बेहतर कमाई का मौका मिलेगा.

समान्य वर्ग के किसानों को 50 प्रतिशत तक अनुदान सरकार की ओर से दिया जा रहा है.

जबकि अनुसूचित जारी और अनुसू‌चित जनजाति वर्ग के लोगों को 75 प्रतिशत तक सब्सिडी मिल रही है.

इससे छोटे और आर्थिक रूप से कमजोर पशुपालकों को डेयरी व्यवसाय शुरू करने में बड़ी मदद मिल रही है.

डेयरी प्लस योजना के जरिए सरकार का प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा किसान डेयरी व्यवसाय से जुड़े और आत्मनिर्भर बनें.

निष्कर्ष
दूध उत्पादन और स्थायी आय का अवसर देने वाला काम है. यदि मुर्रा भैंस पालते हैं तो फिर इससे दूध उत्पादन करके कमाई कर सकते हैं. मुर्रा नस्ल की भैंस ज्यादा दूध देती है इसलिए कमाई भी आपको अच्छी होगी.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

गोवंश के गोबर से संरक्षण केंद्र में बड़ा प्लांट संचालित होता है, जिससे जनरेटर के माध्यम से बिजली बनाई जाती है.
पशुपालन

Animal: पशुओं को बाढ़ से बचाने के लिए आपदा नित्रंत्रण कक्ष की गई स्थापना

नई दिल्ली. बरसात नजदीक है. बरसात जहां पशुओं को गर्मी से राहत...

पशुपालन

Pashu Mela: सितंबर में होगा वैट यूनिवर्सिटी का पशु मेला, मिलेगा मुख्यमंत्री पुरस्कार

नई दिल्ली. गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना का...