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Seafood Export: चीन और यूरोपीय संघ के सीफूड निर्यात मूल में 22 और 37 फीसद की बढ़ोतरी

shrimp farming in india
झींगा मछली पालन की प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. देश में सीफूड एक्सपोर्ट (Seafood Export) लगातार बढ़ रहा है. इसके चलते सीफूड निर्यात मूल में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. चीन और यूरोपीय संघ के बीच इस कारोबार में 22 और 37 फीसद तक की बढ़ोतरी हुई है. जबकि फ्रोजन झींगा (Frozen shrimp) की वजह से भारत के सीफूड का निर्यात अब तक के सबसे ऊंचे स्तर, 72 हजार करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. मंगलवार को समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (Marine Products Export Development Authority) द्वारा आंकडत्रे जारी किए गए हैं.

जारी अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, देश के समुद्री भोजन का निर्यात में वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक के सबसे ऊंचे स्तर, 72,325.82 करोड़ रुपये (8.28 अरब डॉलर) पर पहुंच गया है. भारतीय समुद्री भोजन के लिए निर्यात के मुख्य ठिकाने यूरोपीय संघ रहे, जहां 37.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई. चीन में 22.7 प्रतिशत की बढ़त हुई. दक्षिण-पूर्व एशिया में 36.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और जापान में 6.55 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.

सीफूड बना ब्लू इकॉनमी का मुख्य स्तंभ
निर्यात की मात्रा भी बढ़कर 19.32 लाख मीट्रिक टन हो गई, जो भारतीय समुद्री उत्पादों के लिए दुनिया भर में मजबूत मांग को दर्शाता है.

यह इस क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जो ‘ब्लू इकॉनमी’ (नीली अर्थव्यवस्था) का एक मुख्य स्तंभ है.

विकास का सबसे बड़ा जरिया फ्रोजन झींगा ही बना रहा, जिसने 47,973.13 करोड़ रुपये का योगदान दिया, जो कुल निर्यात कमाई का दो-तिहाई से भी ज्यादा हिस्सा है.

झींगा के निर्यात में मात्रा के हिसाब से 4.6 प्रतिशत और मूल्य के हिसाब से 6.35 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.

जिससे भारत के समुद्री भोजन बास्केट में इसकी अहम भूमिका साबित होती है.

अमेरिका भारत के समुद्री भोजन का सबसे बड़ा बाज़ार बना रहा, जहां 2.32 अरब डॉलर का आयात हुआ.

हालांकि, टैरिफ (शुल्क) से जुड़ी चुनौतियों के कारण अमेरिका को होने वाले निर्यात में गिरावट आई है.

इस गिरावट की भरपाई चीन, यूरोपीय संघ, दक्षिण-पूर्व एशिया और जापान जैसे अन्य बाजारों में हुई मजबूत बढ़ोतरी से हो गई.

फ्रोजन मछली, स्क्विड, कटलफिश, सूखा समुद्री भोजन, सुरिमी, फिशमील और मछली के तेल जैसे अन्य उत्पादों में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला है.

भारत के समुद्री भोजन निर्यात के शीर्ष पांच बंदरगाहों – विशाखापत्तनम (Vizag), JNPT, कोच्चि, कोलकाता और चेन्नई ने कुल निर्यात मूल्य का लगभग 64 प्रतिशत हिस्सा संभाला है.

केंद्रीय मत्स्य सचिव अभिलक्ष लिखी ने कहा कि ये उपलब्धि वैश्विक समुद्री भोजन व्यापार में भारत की बढ़ती ताकत और कई बाजारों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाती है.

Written by
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