नई दिल्ली. पशुपालन में अगर ज्यादा फायदा कमाना है तो इस बात को अपने दिमाग में अच्छी तरह से बैठा लें कि पशुओं को संतुलित आहार देना बेहद ही जरूरी है. क्योंकि संतुलित आहार देने से जहां दूध उत्पादन बढ़ाने, उसकी फैट की मात्रा बढ़ाने और प्रजनन संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद मिलती है तो वहीं संतुलित आहार न देने से ये तीनों ही तरह की दिक्कतें पशुपालक को झेलनी पड़ सकती है. इतना ही नहीं संतुलित आहार पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है जबकि चारे की लागत को कम करने का भी काम करता है. इससे पशुपालन की लागत कम होती है और पशुपालन के काम में फायदा ज्यादा मिलता है.
पशुपालन का काम फायदे के लिए कर रहे हैं तो जान लें कि संतुलित आहार पशुओं के दूध उत्पादन में 30 से 35 प्रतिशत की ग्रोथ कर सकता है. जिसका सीधा सा मतलब है कि आपको पशुपालन के काम में अच्छा खासा मुनाफा कमाने का मौका मिलेगा. पशु के लिए उसके फीड में प्रोटीन और खनिज मिश्रण का भी बेहद महत्व है. जिससे एक मुकम्मल संतुलित आहार बनता है. आइए इसकी बारे में जानते हैं.
पशु आहार में प्रोटीन का महत्त्व क्या है
प्रोटीन पशु के शरीर की कोशिकाओं और मांसपेशियों के निर्माण के लिए बेहद ही जरूरी है. इसलिए इसकी कमी नहीं होनी चाहिए.
प्रोटीन दूध उत्पादन की क्षमता को बढ़ाता है. सबसे अहम ये है कि दूध में एसएनएफ की मात्रा को भी बढ़ाता है.
इससे पशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) भी मजबूत होती है. इसलिए भी पशु के लिए प्रोटीन जरूरी है.
पशुओं में प्रोटीन के मुख्य स्रोत दलहनी चारा (बरसीम, ल्यूसर्न, ग्वार), खल (सरसों, बिनौला, मूंगफली) और चोकर आदि है.
पशु आहार में खनिज मिश्रण का महत्त्व
खनिज लवण जैसे कैल्शियम, फास्फोरस और मैग्नीशियम पशु के लिए ‘सुरक्षा कवच’ का काम करते हैं.
एक्सपर्ट कहते हैं कि कैल्शियम और फास्फोरस जैसे खनिज मिश्रणों से हड्डियों को मजबूती मिलती है.
खनिज के उपयोग से पशु समय पर ‘हीट’ में आता है और गर्भधारण सुनिश्चित होता है.
इसका उपयोग मिल्क फीवर जैसी गंभीर समस्याओं को भी रोकता है. जिससे पशुपालन में नुकसान का खतरा कम हो जाता है.
हर एक दुधारू पशु को प्रतिदिन 50 से 100 ग्राम अच्छी गुणवत्ता वाला खनिज मिश्रण दाने में मिलाकर जरूर देना चाहिए.
निष्कर्ष
प्रोटीन और खनिज मिश्रण के फायदे तो आप जान ही गए होंगे. बस जरूरत इस बात की है कि पशु को इसकी कमी न होने दें.










