नई दिल्ली. पशुपालन से छिटकने वाली युवा पीढ़ी का रुझान अब फिर से दूध उत्पादन में बढ़ रहा है. यही वजह है कि सरकार को डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना में 1421 इकाई लगाने के प्रस्ताव मिल चुके हैं. जबकि जिलों को 828 यूनिट के लक्ष्य दिए थे. एक साथ न्यूनतम 25 गाय या भैंस पालने पर एक यूनिट बनती है. सरकार ने तय किया है कि प्रति यूनिट एसटी, एससी वर्ग को लागत पर 33 फीसद व अन्य वर्गों को 25 फीसद सब्सिडी दी जाएगी. विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जो प्रस्ताव आए हैं, उनमें से ज्यादातर युवाओं ने आवेदन किए हैं.
इनमें से कई पोस्ट ग्रेजुएट हैं. युवाओं का पशुपालन व खेती-किसानी की ओर लौटना अच्छा संकेत माना जा रहा है. हालांकि युवाओं को योजना के लिए ऐड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ा. अधिकारियों का कहना है कि युवाओं के इस काम में आगे आने से राज्य को मिल्क कैपिटल बनाने में मदद मिलेगी.
यह है योजना
पशुपालन विभाग ने डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना की गाइडलाइन जारी की है. एक व्यक्ति अधिकतम 8 यूनिट लगा सकता है.
हर एक यूनिट में न्यूनतम 25 दुधारू पशु होने चाहिए. देशी गाय की नस्ल वाली एक यूनिट के लिए 36 लाख और संकर किस्म की यूनिट पर 42 लाख रुपए खर्च आएगा.
पहले व दूसरे बार के प्रजनन वाले पशु खरीदने पर ही योजना का लाभ मिलेगा. दूध देने की क्षमता निर्धारित की गई है. पशुओं के बछड़े 1 महीने से अधिक के न हों.
ये बीमार न हो, उनकी टैगिंग अनिवार्य हो, वे भरत पशुधन ऐप पर दर्ज हों. बिलों का भुगतान बैंकों से होगा. पशु की कीमत भी बेचने वाले को सीधे मिलेगा.
ऐसे मिलेगा लाभ
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एक आवेदन पर एक या अधिकतम 8 इकाई का लाभ ले सकते हैं.
एक इकाई के लिए न्यूनतम 3.50 एकड़ जमीन जरूरी है. अधिक फायदा लेने के लिए प्रति इकाई के मान से एक ही स्थान पर जमीन चाहिए.
पहले आओ, पहले पाओ के तहत हितग्राहियों का चयन किया जाएगा, लेकिन सहकारी दुग्ध संघों व समिति से जुड़े किसानों को प्राथमिकता.
अच्छी बात ये है कि न्यूनतम 3 साल के लिए कर्ज मिलेगा, कोई ब्याज नहीं देना होगा.
वहीं सरकार की तरफ से प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है. क्योंकि इससे पशुपालन का काम आसानी से किया जा सकता है.
बताते चलें कि उज्जैन में 179, मंदसौर में 195, सीहोर में 159, राजगढ़ में 435, अशोकनगर में 140, सागर में 120, गुना में 163, शाजापुर में 239, विदिशा में 141 और शिवपुरी में 129 प्रस्ताव आए हैं.










