Home पशुपालन Sheep And Goat: ठंड में भेड़-बकरियों को ज्यादा केयर की होती है जरूरत, पढ़ें एक्सपर्ट की राय
पशुपालन

Sheep And Goat: ठंड में भेड़-बकरियों को ज्यादा केयर की होती है जरूरत, पढ़ें एक्सपर्ट की राय

goat and sheep difference, Goat FarmingA Goat Farmer, CIRG, Hemocus, Parasite, Animal Husbandry
भेड़ और बकरी की प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. मौजूदा दौर वो है जब व्यावसायिक तौर पर पशुओं का पालन बड़े पैमाने पर किया जा रहा है. भेड़-बकरियों को भी व्यावसायिक तौर पर पालन किया जाता है और मोटा मुनाफा कमाया जाता है. बहुत से लोग इसका पालन करके लाखों में कमाई कर रहे हैं. जबकि लघु और सीमांत किसान भी बकरी का पालन करके अच्छी कमाई कर रहे हैं और ये उनकी आय का दूसरा जरिया बन गया है. ऐसे में भेड़-बकरी पालन में लापरवाही हुई तो इसका नुकसान पशुपालक को ही होता है. सर्दी के मौसम में अन्य पशुओं के साथ-साथ बकरी के रखरखाव में भी बहुत ध्यान देने की जरूरत होती है. क्योंकि भेड़ बकरी बहुत सेंसिटिव होती हैं और ठंड इन्हें नुकसान करती है.

बाड़े को साफ-सुथरा रखें
केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. मनीष कुमार चाटली कहते हैं कि भेड़-बकरी बहुत सेंसिटिव होती हैं. सर्दियों के दिनों में हमें इनके विशेष देखभाल की जरूरत होती है. उनके मेमने का ज्यादा ख्याल रखना पड़ता है. जितने भी बाड़े होते हैं उसमें फूस और तिरपाल लगानी चाहिए. सर्दी के दिनों में बकरियों पेशाब ज्यादा आता है और इससे फर्श गीला हो जाता है. इसमें ध्यान देना है कि बाड़े को साफ-सुथरा रखा जाए. हमें उनके बाड़ों को लगातार चेंज करते रहना चाहिए. जब एक गीला हो जाए तो दूसरे में ले जाना चाहिए.

क्रॉस वेंटिलेशन की करें व्यवस्था
उन्होंने आगे कहा कि बाड़े को सूखा रखने के लिए साफ-सफाई का ध्यान देना चाहिए. इसके अलावा बुझा हुआ चूना भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे उसको सूखा रखा जा सकता है. जब सर्दी ज्यादा होती है तो मल-मूत्र की वजह से बाड़े में एयर पॉल्यूशन हो जाता है. हमें वहां साफ सुथरी हवा के लिए क्रॉस वेंटिलेशन की व्यवस्था करनी चाहिए. बकरियों और भेड़ को चराने के लिए ले जाया जाता है. सर्दियों में धुंध ज्यादा होती है. उसे समय बकरियों को नहीं चराना चाहिए. जब धूप निकले तब चराने के लिए ले जाएं.

ताकि दूध का भी खूब हो उत्पादन
सर्दियों में बकरियां ज्यादा पानी नहीं पीती हैं. जिस कारण उनके शरीर में पानी का स्तर कम हो जाता है. इसलिए बकरियों को दिन में तीन बार गर्म पानी और साफ पानी जरूर पिलाना चाहिए. ऐसा करने से दूध का उत्पादन भी खूब होता है. बकरियों को गीला और सूखा दोनों तरह का चारा दिया जाना चाहिए. इसके अलावा बकरियां को बीमारियों से बचाने के लिए साफ-सफाई का ख्याल रखना चाहिए. इसके साथ ही बकरियों को धूप में ले जाना चाहिए ताकि उनके खून का संचार बना रहे.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

पशुपालन

Cow: यूपी में हजारों गो आश्रय स्थल बनेंगे ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्रोडक्शन सेंटर, युवाओं को मिलेगा रोजगार

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश अब गोसंरक्षण, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के...

पशुपालन

Animal Husbandry: पशुपालन में वैज्ञानिक प्रगति और पशु कल्याण के बीच संतुलन बनाने की जरूरत

नई दिल्ली. भारत सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग (डीएएचडी) के तहत...

Animal Husbandry: Farmers will be able to buy vaccines made from the semen of M-29 buffalo clone, buffalo will give 29 liters of milk at one go.
पशुपालन

Animal News: पशुओं की ईयर टैगिंग कराने के हैं कई फायदे, हर एक जानकारी मिलती है यहां

नई दिल्ली. बहुत से पशुपालक भाई पशु की ईयर टैगिंग कराने से...