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Heat Stroke: इन लक्षणों से करें पशुओं में लू की पहचान

लू लगने से पशुओं में दूध की कमी हो जाती है.
प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली. बढ़ता तापमान इंसान ही नहीं पशुओं के लिए भी चुनौतियां खड़ी करता है. मौसम में हुए बदलाव को पशु एकदम से सहन नहीं कर पाते हैं और वे बीमार हो सकते हैं. उनकी दूध उत्पादन की क्षमता पर इसका असर पड़ सकता है. मौसम विभाग में राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, बिहार व उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में बढ़ते तापमान को लेकर एडवाइजरी जारी की है. जिसमें अपने पशुओं को लू से बचने के लिए पशुपालकों को कहा गया है. आज हम बात कर रहे हैं, कैसे पहचाने कि पशु को लू लगी है. लू लगने के जो लक्षण है उनके बारे में हम आपको जानकारी दे रहे हैं.
तापमान बढ़ता है तो पशु भी परेशान होने लगते हैं. सूरज की तेज रोशनी में पशु बेचैन होने लगते हैं. आईए जानते हैं कुछ लक्षणों से लू की पहचान कैसे करें. लू लगने का जो प्रमुख लक्षण है वह शरीर में तापमान का तेजी से बढ़ना होता है. अगर आपके बाड़े का पशु मुंह खोलकर जोर-जोर से सांस ले रहा है, यह भी लू लगने का एक लक्षण है.

लू में कम हो जाता है दुग्ध उत्पादन: लू लगने से पशुओं में दूध की कमी हो जाती है. पशु पानी अधिक पीते हैं और पेशाब या तो कम आती है या बंद हो जाती है. पशुओं की जो सक्रियता है वह कम हो जाती है और वह बेचैन रहना शुरू कर देते हैं. पशुओं की धड़कन तेज हो जाती है. इन लक्षणों को अगर आपके बाड़े में किसी भी पशु में दिख रहा है तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें.

कैसे बचाएं लू से पशु: लू लगने से अपने पशु को कैसे बचा सकते हैं आईए जानते हैं. लू लगने से पहले ही बचाव करना जरूरी है. पशुओं को हवादार बाड़े में रखें या छायादार पेड़ के नीचे रखें, जहां सूरज की सीधी किरणें पशुओं पर ना पड़ें. पशुओं के बाड़ें में पंखा या कूलर का उपयोग कर सकते हैं. वहीं दिन में कम से कम चार बार साफ, स्वच्छ और ठंडा पानी उन्हें पिलाना चाहिए. पशुओं को संतुलित आहार देना जरूरी होता है. इसमें खनिज मिश्रण भी उचित मात्रा में पशुओं को खिलाने की व्यवस्था करनी चाहिए. अगर आपके घर के बाड़े के आसपास तालाब या पोखर है, तो दिन में पशु को कुछ घंटे के लिए छोड़ देना चाहिए.

भैंस को लू से बचाना है जरूरी: काला रंग होने के कारण भैंस को गर्मी बहुत ज्यादा लगती है. इसलिए भैंस को कम से कम दो बार नहलाना बहुत जरूरी है. भैंस को यदि पोखर या तालाब में कुछ घंटे के लिए छोड़ दें तो उसके शरीर का तापमान सामान्य हो जाता है. पशु एक्सपर्ट्स का कहना है कि खाने में बदलाव भी किया जा सकता है, जिससे पशु को अगर लू लग जाए तो घर पर सही कर सकते हैं. ठंडा पानी दें, चीनी दे सकते हैं. भुने हुए जौ का आटा, नमक का गोल पशुओं को बराबर देते रहें. पशुओं को पुदीना और प्याज का अर्क भी बना कर आप दे सकते हैं. पशुओं के पूरे शरीर पर ठंडे पानी का चिड़काव करते रहे. शरीर के तापमान कंट्रोल करने के लिए पशु को ठंडा स्थान पर रखना बेहद जरूरी होता है. किसी भी विषम परिस्थिति में तत्काल पशु चिकित्सक को दिखाएं.

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