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Fisheries: इन टिप्स से बढ़ाएं मछली का वजन, साइंटिफिक तरीके से खिलाएं चारा और बढ़ाएं इनकम

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मछुआरों की प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. देश भर में किसान सिर्फ खेती पर ही निर्भर नहीं है, बल्कि बहुत सी जगह पर बड़े स्तर पर मछली का पालन भी किया जा रहा है. जिससे किसान अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं. केंद्र सरकार के साथ.साथ अलग-अलग राज्य सरकारें भी मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी आदि की व्यवस्था करती हैं. हालांकि किसानों के सामने तब मुश्किल खड़ी हो जाती है जब उन्हें मछली पालन से जुड़ी तमाम जरूरी जानकारी नहीं होती है. ऐसे में वह सब्सिडी राशि का भी सही से इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं. इस वजह से किसानों को मछली पालन में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. इसलिए मछली पालन के लिए जरूरी है कि वह मछली पालन से जुड़े तमाम जानकारियां को हासिल करें. यहां कुछ जानकारियां हम लेकर आपके लिए यहां आए हैं, जरूर पढ़ें.

इस तरह से खिलाएं चारा
साइंटिफिक तरीके से मछली पालन करने में उसके आहार महत्वपूर्ण ध्यान देना होता है. ऐसे में आप मछली का साइज बढ़ाने के लिए आहार के रूप में चावल की भूसी और सरसों की खाली के बराबर मात्रा में मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं. या फिर बाजार में मिलने वाले चारे का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. एक महीने में अगर मछलियों को पांच फीसदी के दर से खाना खिलाते हैं तो 25 किलो प्रति किलो की दर से तालाब में चारे का इस्तेमाल करना होगा. ऐसे में मछली वजनदार जल्दी हो जाएगी.

कम खर्च और फायदा ज्यादाः मछलियों की अधिक तेजी से वृद्धि हो इसके लिए 30 से 35 प्रोटीन युक्त आहार की जरूरत होती है. जिसकी आपूर्ति धान के कुंडे या खली को मिलाकर देने से भी हो सकती है. वहीं प्रत्येक महीने मछलियों का वजन कराना चाहिए. ताकि उनके हिसाब से भोजन की मात्रा को बढ़ाया जा सके. मछली पालन के रोजगार में मछलियों को छोटे तालाब यह पोखर में पाला जा सकता है. इस तकनीक से किसानों को खर्च भी कम होता है और फायदा ज्यादा होता है.

कमा सकते हैं अच्छा मुनाफाः वैज्ञानिक तरीके से छोटे.छोटे सीमेंट के साइज के गोलाकार तलाब बनाकर भी आसानी से मछली पालन किया जा सकता है. या उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जिनके पास बड़े तालाब की व्यवस्था नहीं है. नस्ल के हिसाब से 4 से 7 महीने के अंदर मछलियों का वजन 1 किलो से 5 किलो तक बढ़ जाता है. ऐसे में किसान मछली पालन करके बेहतर आय कमा सकते हैं. मछली की क्योंकि बाजार में काफी डिमांड है. जिस वजह से किसानों को मछलियों का बाजार रेट अच्छा मिलता है. जिससे किसान मुनाफा कमा सकते हैं.

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