Home मछली पालन Fisheries: इंटरनेशनल मार्केट में नहीं मिल रहा भारतीय टूना मछली को सही दाम, पढ़ें एक्सपर्ट ने क्या वजह बताई
मछली पालन

Fisheries: इंटरनेशनल मार्केट में नहीं मिल रहा भारतीय टूना मछली को सही दाम, पढ़ें एक्सपर्ट ने क्या वजह बताई

‘Need national guideline on eco-labeling of marine fishery resources’
Symbolic photo. livestock animal news

नई दिल्ली. पिछले दिनों फिशरीज सेक्टर से जुड़े एक कॉन्कलेव(इंटरनेशनल मार्केट) में टूना मछली पकड़ने को कैसे बढ़ावा दिया जाए और इससे कैसे मछुआरों को फायदा पहुंचाया जाए, इन तमाम मुद्दों पर चर्चा की गई. बताते चलें कि इस कॉन्क्लेव में हिस्सा लेने वाले देश-विदेश के एक्सपर्ट शामिल हुए. इस दौरान टूना मछली को लेकर ये बात सामने आई है कि भारतीय समुद्र में टूना मछली की भरमार है. बावजूद इसके समुद्र से इसे नहीं निकाला जा रहा है. जबकि एक्सपर्ट का कहना था कि अगर भारतीय समुद्र में से टूना मछलियों को निकाला जाए तो इससे बड़ा फायदा हो सकता है और बाजार में इसकी अच्छी कीमत भी मिल सकती है.

टूना मछली समुद्र से क्यों नहीं निकाली जा रही है. इसके पीछे क्या-क्या दिक्कतें आ रही हैं और निकाली भी जा रही है तो इसका दाम अच्छा क्यों नहीं मिल रहा है, इसके बारे में भी एक्सपर्ट ने अपनी राय रखी और इसका हल भी बताया.

सिर्फ 25 हजार टन पकड़ी जा रही है मछली
कान्कलेव में मौजूद फिशरीज के एक्सपर्ट ने बताया कि भारत के स्पेशल इकोनामी जोन (SEZ) में टूना मछली बहुत बड़ी मात्रा में पाई जाती है. एक सर्वे में यह बात सामने आ चुकी है कि भारत की गहरे समुद्र में करीब 2 लाख टन टूना मछली है. जिसमें दो तरह की टूना मछली पाई जाती है. एक येलोफिन और दूसरी स्किपजैक टूना मछली. एक्सपर्ट का कहना था कि दिक्कत यह है कि इतनी ज्यादा मात्रा में मछली होने के बावजूद सिर्फ 25 हजार टन ही टूना मछली पकड़ी जा रही है. एक्सपर्ट ने इसकी वजह भी बताई है. कहा कि सही दाम नहीं मिलने की वजह से मछुआरे इन मछलियों को नहीं पकड़ते हैं.

ये काम हो जाए तो मिलेगा अच्छा दाम
कान्कलेव में एक्सपर्ट ने कहा कि मालदीव की टूना मछली आठ डॉलर के हिसाब से बिक रही है. जबकि भारतीय टूना मछली को कोई सही दाम नहीं दे रहा है. इसकी वजह यह भी है कि गहरे समुद्र से टूना पड़कर लौटने में 6 से 7 दिन तक लग जाते हैं ऐसे में मछली खराब होने लगती है. अगर फिशिंग बोट पर कोल्ड स्टोरेज की सुविधा उपलब्ध हो जाए तो भारतीय मछुआरों को भी इंटरनेशनल मार्केट में इसका अच्छा दाम मिलने लगेगा.

मछली खाने के हैं कई फायदे
फिशरीज एक्सपर्ट की मानें तो टूना मछली खाने के कई फायदे हैं. यही वजह है कि इंटरनेशनल मार्केट में इसकी काफी डिमांड रहती है. अक्सर डॉक्टर भी हड्डियों की बीमारियों में टूना मछली खाने की सलाह देते हैं. ऐसा इसलिए कि टूना मछली में कैल्शियम, विटामिन डी और मैग्नीशियम बहुत अच्छी मात्रा में पाया जाता है. इसलिए टूना खाने से हड्डियां मजबूत होती हैं और इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड की मात्रा दिल को भी मजबूत करने का काम करती है. आंखों को हेल्दी रखने और वजन घटाने के लिए भी टूना मछली फायदेमंद होती है. कोविड-19 के दौरान मछली ने लोगों की इम्युनिटी बूस्ट करने में काफी मदद की थी.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

shrimp farming problems
मछली पालन

Fisheries: टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने से भीमावरम फिशरीज क्लस्टर होगा मजबूत

नई दिल्ली. नेशनल फिशरीज डेवलपमेंट बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. बिजय...

The States and UTs have been advised to implement the clusters based approach for development of fisheries and aquaculture. Based on the request received from the Andaman and Nicobar Administration, development of Tuna fisheries cluster in Andaman & Nicobar Islands has been notified under PMMSY.
मछली पालन

Fisheries: आंध्र प्रदेश ने 64 लाख टन मछली उत्पादन कर टारगेट किया पूरा

नई दिल्ली. भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के...

यहां मानसून जून से सितम्बर तक चलता है. औसत वर्षा करीब 57 सेमी. होती है.
मछली पालन

PMMSY के तहत हरियाणा में फिशरीज सेक्टर हुआ मजबूत

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) एक ऐसी योजना है, जिसके...