Home मीट Red Meat: रेड मीट खाने के क्या हैं नुकसान और फायदे, यहां पढ़ें इस बारे में क्या कहते हैं एक्सपर्ट
मीट

Red Meat: रेड मीट खाने के क्या हैं नुकसान और फायदे, यहां पढ़ें इस बारे में क्या कहते हैं एक्सपर्ट

red meat benefits
रेड मीट की प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. मीट को लेकर लगातार रिसर्च चलती रहती है कि मीट का सेवन करना फायदेमंद है या फिर नुकसानदेह है. बताते चलें कि कई रिसर्चर के मुताबिक रेड मीट प्रोटीन, आयरन और विटामिन बी-12 जैसे जरूरी तत्वों की बॉडी को आपूर्ति करता है. इस लिहाज से देखा जाए तो इसका सेवन करना फायदेमंद है. हालांकि इसके अपोजिट रिसर्च से ये भी पता चलता है कि बड़ी मात्रा में रेड मीट का इस्तेमाल करना नुकसानदेह भी है. दरअसल, रिसर्च में ये बात सामने आई कि कुछ हृदय रोग, कैंसर और अन्य बीमारियाँ विकसित होने का खतरा बढ़ सकता है.

वहीं पोषण विशेषज्ञ और हेल्थ एक्सपर्ट वर्षों से रेड मीट के सेवन के फायदों और जोखिमों का विश्लेषण कर रहे हैं. ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है या नहीं. रिजल्ट अब तक बदलते रहे हैं. रिसर्चर के मुताबिक रेड मीट प्रोटीन, आयरन और विटामिन बी-12 जैसे जरूरी तत्वों के लिए भी खाया जाना चाहिए. आइए जानते हैं कि रेड मीट इस्तेमाल करने फायेद और नुकसान दोनों के बारे में. साथ ही किस तरह का मीट फायदा और नुकसान पहुंचा सकता है, इसके बारे में जानते हैं.

ये दिक्कतें हो सकती हैं
विशेषज्ञों का कहना है कि मेमने, गोमांस, बकरी और अन्य भूमि स्तनधारियों के मांसपेशी मांस को लाल मांस के रूप में गिना जाता है. एक ओर, आयरन और विटामिन बी-12, विशेष रूप से, लाल मांस में पोषण के अच्छे स्रोत हैं. ये पोषक तत्व शरीर के लिए ताज़ा लाल रक्त कोशिकाओं का उत्पादन करने के लिए आवश्यक हैं. वहीं रेड मीट में बहुत सारा प्रोटीन होता है, जो एंजाइम, मांसपेशियों, हड्डियों, अन्य ऊतकों और शरीर के अन्य भागों के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है. हालांकि, अन्य अध्ययनों ने लाल मांस के नियमित सेवन को विभिन्न स्वास्थ्य कठिनाइयों से जोड़ा है, जिनमें कुछ कैंसर, गुर्दे की परेशानियाँ, पाचन समस्याएं और हृदय रोग शामिल हैं.

हेल्थ प्रॉब्लम्स बढ़ सकती है
कुछ रिसर्च का तर्क है कि सबसे महत्वपूर्ण कारक व्यक्ति जिस प्रकार का लाल मांस खाता है, वह समस्या को और बढ़ा देता है. अनप्रोसेस्ड लाल मांस के टुकड़े जो दुबले होते हैं, जैसे पोर्क टेंडरलॉइन या सिरोलिन स्टेक, दूसरों की तुलना में स्वास्थ्यवर्धक हो सकते हैं. उनमें बहुत अधिक नमक, तेल या परिरक्षक नहीं होते क्योंकि वे संसाधित नहीं होते हैं, और वे अनप्रोसेस्ड भी होते हैं. जिन खाद्य पदार्थों से स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होने की सबसे अधिक संभावना होती है, वे प्रोसेस रेड मीट है. जैसे बेकन, सॉसेज, हॉट डॉग, सलामी, बोलोग्ना और अन्य समान मांस.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

गोट एक्सपर्ट का कहना है कि एक से तीन महीने के बीच मेमना पालन की बात की जाए तो पहले महीने में शरीर का वजन सात किलोग्राम होता है.
पशुपालनमीट

Sheep Disease: फुट रॉट से भेड़ पालन में होता बड़ा नुकसान, ऊन और मांस उत्पादन पर पड़ता है असर

नई दिल्ली. भेड़ पालन में अक्सर भेड़ों को फुट रॉट यानी खुर...

Bakrid, Barbari Goat, Sirohi, STRAR goat farming, Bakrid, Barbari Goat, Goat Farming
पशुपालनमीट

Goat Farming News: बकरियों को जरूर खिलाएं शहतूत के पत्ते, इसके एक नहीं अनेक हैं फायदे

नई दिल्ली. बकरी पालन कर रहे हैं और आपके पास थोड़ी जगह...

मीट

Meat: मीट प्रोसेसिंग की सीखना चाहते हैं बारीकियां और करना चाहते हैं कमाई तो लुवास दे रहा है मौका

नई दिल्ली. लाला लाजपत राय पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास), हिसार...

कीड़े बकरे के पेट में हो जाएं तो उसकी ग्रोथ रुकना तय है.
पशुपालनमीट

Goat Farming: बकरी शाम के समय इस तरह करें देखरेख, सेहत होगी बेहतर, उत्पादन मिलेगा अच्छा

नई दिल्ली. गोट एक्सपर्ट कहते हैं कि बकरियों की सही देखभाल से...