Home मछली पालन World Fisheries Day: मछली खाने के हैं कई फायदे, ​इन बीमारियों का भी खतरा हो जाता है कम
मछली पालन

World Fisheries Day: मछली खाने के हैं कई फायदे, ​इन बीमारियों का भी खतरा हो जाता है कम

meat consumption by country
प्रतीकात्मक तस्वीरें

नई दिल्ली. आज world fisheries day है और Live Stock Animal News इस आ​र्टिकल में मछली और आपकी हैल्थ से जुड़ी अहम जानकारी दे रहा है. फिश एक्सपर्ट कहते हैं कि मछली जहां बड़ी आबादी के लिए आजीविका और खाद्य सुरक्षा के लिए जरूरी है तो वहीं ये हैल्थ के लिए भी बेहतर है. एशिया में उत्पादक और घनी आबादी वाले नदी और घाटियों वाले इलाकों में करीब 56 फीसदी से ज्यादा की आबादी मछली खाती है. कुछ राज्यों में, जैसे असम और अन्य उत्तर-पूर्वी राज्य, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, गोवा और केरल, 90 फीसदी से अधिक आबादी मछली को अपनी थाली में शामिल करतना पसंद करती है.

मछली को एक हैल्दी भोजन के रूप में मान्यता हासिल है. इसमें अमीनो एसिड, खनिज और ट्रेस तत्व और कम वसा सामग्री होती है. पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड PUFA से भरपूर, मछली हृदय रोगों को रोकने और लड़ने के लिए पोषण देती है. मछली में कैल्शियम और फास्फोरस और अन्य सूक्ष्म खनिजों का एक गहरा सोर्स है. मछली को पशु प्रोटीन के सबसे सस्ते और बेहतरीन सोर्स के रूप में माना जाता है.

ओमेगा 3 फैटी एसिड के स्रोत के रूप में मछली
मछली के तेल में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है. जिसका बहुत ही फायदा है. इंसानों को ये फिट रखने में मदद करता है. वहीं रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है. ओमेगा-3 फैटी एसिड ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करता है. खून के थक्के की प्रवृत्ति, कई तरीकों से वैक्सकुलर यानि रक्त वाहिका में सुधार करता है. इससे हृदय रोग का खतरा कम हो जाता है. वहीं ब्लड प्रेशर को भी थोड़ा कम करने में सहायक है. वसायुक्त मछली या ओमेगा-3 फैटी एसिड की खपत ट्राइग्लिसराइड्स को काफी कम करती है और अक्सर एचडीएल के स्तर को बढ़ाती है. जिससे दिल के रोग का खतरा कम हो जाता है.

खून की कमी होती है दूर
मछली प्रोटीन में जरूरी रेशियो में अमीनो एसिड होते हैं. वहीं मछली में प्रोटीन की भी अच्छी मात्रा होती है. इसमें लगभग 18-20 परसेंट प्रोटीन होता है. इसके अलावा सल्फर युक्त लाइसिन, मेथियोनीन सहित आठ आवश्यक अमीनो एसिड और सिस्टीन मौजूद होते हैं जो इंसानों की स्किन के लिए अच्छे होते हैं. कुछ अमीनो एसिड जैसे एसपारटिक एसिड, ग्लाइसिन और ग्लूटामिक एसिड जख्मों को सुखाने की प्रक्रिया में असरदार होते हैं. अमीनो एसिड से खून की कमी दूर होती है. कोलेस्ट्रॉल, एंटीम्यूटेजेनेसिटी, कोरोनरी हृदय रोग में कमी, और मोटापा कम होता है.

हड्डियों के लिए है जरूरी
मछली के अंदर मौजूद विटामिन डी हड्डियों के लिए बहुत ही जरूरी होता है. इससे हड्डियां मजबूत होती हैं. रिसर्च में ये बात सामने आ चुकी है कि कैंसर का खतरा कम करने में मछली सहायक है. मछली खाने से डिप्रेशन और टाइप-1 डायबिटीज़ का भी खतरा बेहद ही कम हो जाता है. वहीं मछली में मौजूद ओमेगा-3 की वजह से स्किन और बाल खूबसूरत बनाए रखने में मदद करता है. मछली में लो फैट होता है जिसकी वजह से हाई-ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ने नहीं पाती. वहीं मछली में मौजूद पोषक तत्व दिमाग को तेज करता है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

मछली पालन

Fish Farming: इस मौसम में तालाब में होती है ऑक्सीजन की कमी, पहचान कर तुरंत करें उपाय

नई दिल्ली. मछलियों के लिए बनाए गए तालाब में अगर ऑक्सीजन की...

तालाब में खाद का अच्छे उपयोग के लिए लगभग एक सप्ताह के पहले 250 से 300 ग्राम प्रति हेक्टेयर बिना बुझा चूना डालने की सलाह एक्सपर्ट देते हैं.
मछली पालन

Fish Farming: मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए गर्मियों में सही देखभाल का तरीका है बेहद आसान

नई दिल्ली. उत्तरी भारत में मार्च अप्रैल से अक्टूबर नवंबर मछली पालन...