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Animal Husbandry: बच्चा देने के बाद ऐसे करें भैंस की देखभाल

buffalo calving
प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली. आजकल बहुत ही ठंडा मौसम है. इस समय जो टेंपरेचर है 4 से 5 डिग्री सेंटीग्रेड तक लुढ़कर पहुंच गया है. ऐसे में ब्याई हुई भैंस की देखभाल किस तरह से की जाए इस बारे में आपको जानकारी होना बहुत जरूरी है. आमतौर पर यह माना जाता है कि भैंस ठंडा मौसम पसंद करती है लेकिन यह बात भी सच है कि भैंस को ठंड भी ज्यादा लगती है और गर्मी भी ज्यादा लगती है. इसका कारण यह है कि भैंस की जो ख़ाल होती है वह काले रंग की होती है. उसकी त्वचा में बाल भी काम होते हैं. इस वजह से भैंस को ठंड भी ज्यादा लगती है और गर्मी भी ज्यादा लगती है. जिसके चलते 6 महीने से कम के भैंस के बच्चे ठंड के मौसम में ज्यादा मर जाते हैं. इसलिए जरूरी है की भैंसों की देखभाल ठंड के मौसम में ज्यादा की जाए.

मैला नहीं निकल रहा तो क्या करें
क्योंकि इस मौसम में किसान चाहते हैं कि भैंस ज्यादा दूध दे. इसके लिए भैंस का अच्छा खान-पान जरूरी है और अगले बच्चों की तैयारी के लिए बच्चों के जन्म के बारे में और उसकी देखभाल भी जरूरी होती है. सबसे बड़ी समस्या यह है कि आमतौर पर इस मौसम में भैंस 1 से 4 महीने की भी ब्याई हुई होती है कई बार भैंस के बच्चेदानी से मवाद निकलने लगता है. ऐसा तब भी होता है जब भैंस मैला नहीं गिराती है. हालांकि 15 फीसदी भैंस ऐसी भी होती हैं जो मैला नहीं गिरती हैं उनका मैला शरीर में सूख जाता है. ऐसे में दवा देने से भी वो मैला नहीं गिराएंगी.

मिनरल मिश्रण कब और कितना दें
यदि भैंस की बच्चेदानी से गंदगी आ रही है उसके लिए पशु चिकित्सक से भैंस को जरूर दिखा दें. डॉक्टर बच्चेदानी में 3 से 5 दिन दवाई रख देंगे और से वह ठीक हो जाएंगी उसका दूध भी बढ़ जाएगा. बहुत ही भैंस ब्याने के बाद भी चारा कम खाती हैं. जिससे दूध भी काम हो जाता है, तो ऐसे में कैल्शियम की कमी हो जाती है. जरूरी है कि उन भैंसों को मिनरल मिश्रण दिया जाए. इससे भैंस का दूध बढ़ जाएगा और जो बच्चेदानी में कैल्शियम की वजह से संकुचन भी बढ़ जाएगा. कैल्शियम का मिनरल मिश्रण 5 किलो दूध देने वाली भैंस को 50 ग्राम दिया जाना चाहिए. हर 5 लीटर दूध ज्यादा देने वाली भैंस को 50 ग्राम मिनरल बढ़ा देना चाहिए.

सेहत कमजोर हो तो क्या करें
कई बार भैंस सेहत कमजोर हो जाती है, तो यह माना जाता है की भैंस को अच्छा संतुलित आहार नहीं दिया जा रहा है. ब्याने के तीन-चार दिन बाद उसका वजन नोट करना चाहिए. अगर उसका 1 महीने में वजन 40—50 किलोमीटर से कम हो जाए तो यह ठीक नहीं है. इससे यह पता चलता है की भैंस से दूध लिया जा रहा है लेकिन उसे जितना दाना खिलाना चाहिए वह नहीं खिलाया जा रहा है. भैंस को लगभग दो लीटर दूध पर 1 किलो दाना देना बहुत जरूरी है.

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