Home मछली पालन Fish Farming: मछली की फसल तैयार हो जाने के बाद होने वाले नुकसान को कैसे रोका जाए, यहां पढ़ें तरीका
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Fish Farming: मछली की फसल तैयार हो जाने के बाद होने वाले नुकसान को कैसे रोका जाए, यहां पढ़ें तरीका

तालाब में खाद का अच्छे उपयोग के लिए लगभग एक सप्ताह के पहले 250 से 300 ग्राम प्रति हेक्टेयर बिना बुझा चूना डालने की सलाह एक्सपर्ट देते हैं.
तालाब में मछली निकालते मछली पालक

नई दिल्ली. ग्रामीण क्षेत्र के किसान मछली पालन करके अच्छी कमाई कर सकते हैं. तालाब में जब मछली की फसल तैयार होती है तो इससे खूब मुनाफा होता है. हालांकि फसल तैयार होने के बाद भी कई ऐसी बातें हैं जिनका ख्याल रखना जरूरी होता है. अगर ऐसा न किया जाए तो फसल को नुकसान हो सकता है. फसल को नुकसान का मतलब ये है कि मछलियां खराब हो सकती हैं. कई बार मछलियों को चोट लग जाती है. पैकेजिंग में लापरवाही के कारण भी जो अच्छी फसल तैयार होती है वो खराब हो जाती है.

एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर ऐसा होता है तो इसका मतलब ये है कि किसानों की मेहनत का फल खराब हो गया. उन्हें वो फायदा नहीं मिलेगा जो मिलना चाहिए. इसलिए जरूरी है कि मछली पालकों को पता हो कि फसल तैयार होने के बाद मछलियों का रखरखाव किस तरह किया जाए. आइए पांच प्वाइंट में आपको इस बारे में विस्तार से बताते हैं.

  1. मछली पकड़ने में सावधानी बरतना
    -यदि मछली पकड़ने का कार्य अच्छे तरीके से किया जाए एवं जाल से निकलने के समय मछली को सही तरीके से निकला जाए ताकि उसके शरीर पर किसी तरीके का क्षति या घाव न लगे या नहीं वो इससे मछली के खराब होने की संभावना कम हो जाती है.

-इसके अलावा सही तरीके के जाल का इस्तेमाल करना एवं जालों में इस प्रकार के उपकरण लगाना ताकि जो मछलियां नहीं पकड़नी हैं मसलन छोटी मछलियां उस जाल में न फंसे.

  1. मछली पकड़ने के उपरांत सही रख रखाव.

-मछली को जाल में पकड़ने के बाद उसे तुरंत निकल कर और अच्छे से धोने के बाद बर्फ में या कम तापमान वाली जगह पर रखें.

-अगर किसी जाल में मिलीजुली मछलियों की प्रजातियां हैं, तो उनको आकार और आइसोलेटेड प्रजातियों को आइसोलेटेड हीट रेजिटेंट डिब्बों में बर्फ के साथ 1:1 के अनुपात में संरक्षित किया जाना चाहिए.

-मछलियों को उचित तरीके के पैकेजिंग सामग्री में पैक करना चाहिए ताकि उसका बाहरी वातावरण से कोई संपर्क न हो.

  1. मछली का सही तरीके से संग्रहण करना

-मछली को किसी भी डब्बे में ऊपर, नीचे तथा दोनों किनारों से बर्फ से अच्छे से ढक देना चाहिए.

-पैकेजिंग बॉक्स को अधिक नहीं भरना चाहिए.

-पैकेजिंग अधिक कसकर नहीं करनी चाहिए क्योंकि यह पिघलती बर्फ के अतिप्रवाह में मदद करता है, जिससे की इससे निकला हुआ चिपचिपा पानी मछली को आसानी से खराब करने में मदद करता है.

-मछली के शरीर का तापमान ठंडा करने के लिए बर्फ को कुचलकर या छोटे छोटे टुकड़ों में तोड़कर उपयोग करना चाहिए क्योंकि इसका सतह क्षेत्रफल बर्फ की सिल्ली से ज्यादा होता है और यह मछली को अधिक तेज़ी से ठंडा करती है.

-अगर सीधे बर्फ की सिल्ली का उपयोग करेंगे, तो उस से मछली के शरीर को नुकसान पहुँच सकता है और इसका मछली को ठंडा करने की दर भी कम होगी.

  1. सही पैकेजिंग और भण्डारण

-मछली को सही पैकेजिंग करें और उसे उचित तरीके से स्टोर करें. इसके लिए प्लास्टिक पैकेट्स, आयसोलेटेड कंटेनर्स, या वैक्यूम पैकिंग का उपयोग कर सकते हैं.

  1. कामगारों का प्रशिक्षण

-मछली परिसंस्करण के काम में शामिल कामगारों को सही तरीके से प्रशिक्षित करें. उन्हें सही संचयन, परिसंस्करण और भंडारण तकनीकियों के बारे में जागरूक करें.

Written by
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