Home पोल्ट्री Poultry Farm: पोल्ट्री हाउस बनवाते वक्त इन 11 बातों का रखा ख्याल तो खूब बढ़ेगा प्रोडक्शन, पढ़ें डिटेल
पोल्ट्री

Poultry Farm: पोल्ट्री हाउस बनवाते वक्त इन 11 बातों का रखा ख्याल तो खूब बढ़ेगा प्रोडक्शन, पढ़ें डिटेल

अपने पक्षियों के साथ-साथ खुद को भी इन आसान तरीके से बचा सकते हैं.
मुर्गी फार्म में मुर्गी. Live stockanimalnews

नई दिल्ली. इसमें कोई शक नहीं है कि पोल्ट्री व्यवसाय करके भी मोटी इनकम हासिल की जा सकती है. कई पोल्ट्री संचालक इस व्यवसाय में हाथ आजमा कर लाखों रुपये कमा रहे हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि पोल्ट्री व्यवसाय का मुनाफा और इसकी सक्सेस सबसे ज्यादा पोल्ट्री हाउस पर निर्भर करती है. क्योंकि इसी में मुर्गियों का रहना होता है और इस वजह से इसका डिजाइन साइंटिफिक मेथड से होना चाहिए. ताकि मुर्गियों को वहां रहने में कोई दिक्कत न हो और इससे ज्यादा से ज्यादा अंडों-मीट का उत्पादन लिया जाए सके और फायदा उठाया जा सके.

कामर्शियल चिकन पालन में सफलता के लिए विशेषज्ञता व समझ भी जरूरत होती है. अपने व्यवसाय के लिए एक ठोस नींव रखने के लिए अपने पोल्ट्री हाउस को सही तरीके से बनाना महत्वपूर्ण है. पोल्ट्री हाउस निर्माण के दौरान आपका मार्गदर्शन करने के लिए यहां एक आसान चेकलिस्ट दी गई है. जिसे पढ़कर आप अच्छा पोल्ट्री हाउस तैयार कर सकते हैं.

आराम दें: ये तय करें कि आपका पोल्ट्री हाउस पक्षियों को बारिश, हवा और सीधी धूप जैसी मौसम की चरम स्थितियों से बचाने वाला आरामदायक वातावरण प्रदान करता हो.

कितनी होनी चाहिए जगह: स्टॉकिंग डेनसिटी के आधार पर पर्याप्त स्थान होना चाहिए.

वेंटिलेशन: नेचुरल हवा के लिए लिए पूर्व-पश्चिम दिशा वाले खुले-किनारे वाले घर का विकल्प चुनें. सीधी धूप अंदर न आती है.

स्ट्रक्चर: एक आयताकार आकार का घर बनाएं जिसकी लंबी तरफ दीवार तीन फीट से ज्यादा ऊंची न हो. टिकाऊपन के लिए पत्थर, लोहे की चादरें या ईंट जैसी सामग्री चुनें.

जाली का जरूरत: जंगली पक्षियों, कुत्तों और की एंट्री रोकने के लिए छोटे गेज चिकन वायर जाली लगवाएं. लंबे समय तक चलने के लिए प्लास्टिक वाली जाली लगा सकते हैं.

छत: छत के लिए एक रिफलेक्टर सतह चुनें और पानी के बहाव के लिए जरूरी ढलान सुनिश्चित करें. गर्मी के तनाव को रोकने के लिए पक्षियों और छत के बीच जरूरी गैप बनाएं.

फ्लोरिंग: फ्लोर को आसानी से साफ करने और डिसइंफेक्शन के लिए आइडियल होना चाहिए.

सफाई: प्रवेश द्वार पर एक फुट-बाथ लगाएं और रोडेंट्स यानि चूहे आदि को रोकने के लिए बाड़े के चारों ओर घास आदि साफ रखें. फीड स्टोर अलग रखें.

अलगाव: कॉन्टेमिनेशन के खतरे को कम करने के लिए घर को अलग-थलग क्षेत्रों में बनाएं.

वेंटिलेशन प्रबंधन: गर्म मौसम के दौरान हवा के प्रवाह के लिए पर्दे खोलें और ठंड के मौसम में गर्मी के लिए उन्हें बंद करें.

सुरक्षा: क्षेत्र को बाड़ लगाएं और आवारा जानवरों के प्रवेश को रोकने के लिए दरवाज़े बंद रखें.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

poultry news
पोल्ट्री

Poultry Farming Tips: सोनाली मुर्गी पालन में अहम है 1 से 24 दिन, इसी दौरान दो वैक्सीन भी दें

नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्मिंग अगर सोनाली चूजों के साथ करना चाहते हैं...

egg
पोल्ट्री

Egg Production: अंडा उत्पादन को लेयर पोल्ट्री फार्म खोलने के लिए मिल रही सरकारी मदद

नई दिल्ली. मुर्गी पालन एक बेहतरीन काम है और इसे करके अच्छी...