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Fish Farming: ठंड में मछली को किस तरह का और कितना देना चाहिए फीड, इस बारे में पढ़ें यहां

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मछली पालन की प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. ठंड में मछली पालन एक बेहद ही फायदेमंद कारोबार है. गांव में मछली पालन करके किसान अच्छी खासी इनकम हासिल कर सकते हैं. अगर एक एकड़ तालाब में मछली पालन किया जाए तो पांच लाख रुपये तक की इनकम हासिल की जा सकती है. ठंड के दौरान मछलियों की देखरेख में ज्यादा प्रयास की जरूरत होती है. क्योंकि इस दौरान मछली भोजन को सही तरह से पचाने में दिक्कत होती है. वहीं मछलियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी असर पड़ता है. इसके चलते मछलियां बीमार हो जाती हैं और मृत्युदर में भी इजाफा हो जाता है.

मछली पालन की जानकारी रखने वाले एक्सपर्ट का कहना है कि जब तालाब में पानी का तापमान 60 डिग्री या उससे कम हो जाता है तो मछलियां आमतौर पर भोजन करना कम कर देती हैं. जब पानी का तापमान लगातार 50 से 60 डिग्री फारेनहाइट के बीच रहता है तो दिन में केवल एक बार ही मछलियों को फीड दिया जाना चाहिए. फीड के तौर पर गेहूं के बीज आधारित आहार ही मछ​लियों को दिये जाने चाहिए. इस तरह के खाद पदार्थ कम तापमान पर आसानी से पचाने में मछलियों को आसानी होती है. क्योंकि मछलियों को ठंड के दौरान खाना पचाने में भी दिक्कत आती है. इसलिए इस तरह का फीड देने की राय एक्सपर्ट की ओर से दी जाती है.

कितना देना चाहिए फीड
फिश एक्सपर्ट कहते हैं कि सर्दियों में मछलियों को कमजोरी से बचाने के लिए उनकी पाचन क्रिया और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करना चाहिए. मछलियों को ऐसा फीड देने की जरूरत होती है जो लचीला हो और जरूरत पड़ने में तालाब के बाहरी सतह पर भी जिंदा रह सके. बात जब की जाती है मछलियों को फीड देने वक्त की तो एक्सपर्ट कहते हैं कि सुबह और शाम को फीड देना सबसे अच्छा माना जाता है. मछली को कम से कम चार दाना फीड मिलना चाहिए अगर टैंक में फिश फार्मिंग कर रहे हैं तो मछलियों की संख्या के मुकाबले 4 गुना दाना देना चाहिए.

ठंड में ये काम भी जरूर करें
वहीं पानी की गुणवत्ता पर भी नजर बनाए रखना बेहद ही जरूरी होता है. पानी के पीएच मान से सात से आठ के बीच बनाए रखें. पानी के संतुलन को बनाए रखने के लिए चूने का इस्तेमाल करते रहना चाहिए. तालाब में पत्तियों का मलबा हटाने के लिए जाल का इस्तेमाल समय—समय पर करते रहें. तालाब का पानी हमेशा ही साफ रखना जरूरी होता है. तालाब के पानी की सतह पर बर्फ को कभी भी न जमने दें. पानी ज्यादा ठंडा हो जाए तो उसे गर्म करने का उपाय करें.

Written by
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