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Goat Farming: बकरियों में लकवा-शरीर में अकड़न के इलाज के बाद ये काम जरूर करें बकरी पालक

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बकरी पालक( फोटो क्रेडिट-पिंटू पहाड़ी)

नई दिल्ली. वैसे तो बकरी पालन बेहद ही फायदा पहुंचाने वाला कारोबार है लेकिन फायदा तीाी होता है जब बकरियां तुदुरुस्त रहती हैं. अगर बकरियों की देखरेख सही ढंग से न की जाए तो उन्हें कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं. ठंड का महीना चल रहा है, इस दौरान बकरियों का एक अंग में लकवा मार देता है. कई बार बकरियों को अकड़न की शिकायत रहती है. इससे बकरियां खड़ी नहीं हो पाती हैं और ये समस्या अगर गंभीर रूप ले ले तो फिर बकरियों की मौत भी हो जाती है, जिससे बकरी पालक को हजारों रुपये का नुकसान हो जाता है.

एनिमल एक्सपर्ट कहते हैं कि ठंड के समय में ये दिक्कतें ज्यादा होती हैं. जब बकरियां में अकड़न की समस्या होती है. उन्हें लकवा मार जाता है. यही नहीं उनके पैर में कमजोरी आ जाती है. वह नीचे बैठी रहती हैं. खड़ी नहीं हो पाती है. जिसके बाद पशुपालक इलाज तो करवा लेते हैं और बकरियां ठीक भी हो जाती हैं लेकिन कुछ समय के बाद ये परेशानी फिर उभर जाती है. इसलिए जरूरी है कि पशुपालक ये जान लें कि दोबारा ये समस्या न आए, इसके लिए क्या किया जाए. तभी बकरी इलाज करवाने का फायदा होगा.

बकरियों को पिलाएं नरवाइन टॉनिक
इस तरह की समस्या से बचने के नरवाइन टॉनिक पशुओं को देना चाहिए. अगर बकरी है तो आप 20 एमएल इस टॉनिक का इस्तेमाल कर सकते हैं. बकरियों को देने से दोबारा लकवा की समस्या नहीं होगी. अगर बकरियां छोटी हैं तो उन्हें 10 एमएल इस टॉनिक को दिया जा सकता है. जिन बकरियों का वजन 20 किलो से ऊपर है तो उन्हें 20 एमएल यह टॉनिक देना चाहिए. इसी तरीके से 10 से 15 ग्राम हर दिन सोडाफॉर्स भी दे सकते हैं. ताकि ठंड के मौसम में बकरियों को लकवा, शरीर में अकड़न जैसी दिक्कतें दोबारा न हों.

इलाज न होने पर मर सकती हैं बकरियां
अक्सर बकरियां में विटामिन और मिनरल की कमी हो जाती है. आप डॉक्टर की सलाह पर ऐसे पाउडर को भी दे सकते हैं, जिससे विटामिन और मिनरल्स की कमी को पूरा किया जा सके. आप डॉक्टर की सलाह पर 10 ग्राम पाउडर हर दिन बकरी को खिलाएं. इससे उसे फायदा मिलेगा. आने वाले समय में उसे लगवा और खड़े न होने की समस्या जैसी दिक्कतें दोबारा नहीं होंगी. एक्सपर्ट कहते हैं कि इस बीमारी का सही से इलाज न किया जाए तो हो सकता है कि बकरियां हमेशा के लिए बैठ जाएं बैठे-बैठे उनकी मौत हो जाए.

Written by
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