Home डेयरी Dairy: पशु को दूध उत्पादन में पीक पर लाने के लिए इस तरीके को अपनाएं पशुपालक, दूध से भर जाएगी बाल्टी
डेयरी

Dairy: पशु को दूध उत्पादन में पीक पर लाने के लिए इस तरीके को अपनाएं पशुपालक, दूध से भर जाएगी बाल्टी

Milk Production, Dairy News, UP Dairy News, A-Help Scheme, Animal Husbandry, Uttar Pradesh State Rural Livelihood Mission, Yogi Government, CM Yogi, UP CM
Symbolic pic

नई दिल्ली. डेयरी फार्मिंग में पशुओं का दूध उत्पादन पीक पर लाना बेहद ही जरूरी काम होता है. अगर पीक पर पशु नहीं आता तो इसका मतलब है कि आपको नुकसान होने लगेगा. पशु के पीक पर न आने पर आपको कुछ तरीकों को अपनाना चाहिए, जिससे पशु दूध उत्पादन पीक पर करने लगेगा. यानी पशु अपनी क्षमता के मुताबिक दूध का उत्पादन नहीं करेगा. अगर आप भी इस परेशानी से जूझ रहे हैं और आपका पशु अपनी क्षमता के मुताबिक उत्पादन नहीं कर रहा है तो यहां हम आपको ऐसा तरीका बताने जा रहे हैं, जिससे पशु पीक पर आकर दूध उत्पादन करने लगेगा.

एनिमल एक्सपर्ट कहते हैं कि जब पशु की डिलीवरी हो जाए तो उसके 20 दिनों के बाद उसकी डीवार्मिंग करना चाहिए. यानी कीड़े मारने की दवाएं देनी चाहिए. पशुओं के पेट में अक्सर कीड़े होते हैं, जिन्हें खत्म करना बेहद जरूरी होता है. नहीं तो इससे दूध उत्पादन कम हो जाता है. जबकि पशु जो कुछ भी खाता पीता है वो भी उसके शरीर में सही से नहीं लगता है. इसलिए कीड़े मारने की दवा देना जरूरी होता है.

क्या-क्या खिलाना है, जानें यहां
एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि पशु को दो तिहाई हरा और एक तिहाई सूखा चारा खिलाना चाहिए. इससे पशु को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है. उसकी तमाम जरूरत पूरी हो जाती है.

पशु को 400 ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से दाना मिश्रण खिलाना चाहिए. अगर आपका पशु 10 लीटर दूध दे रहा है तो आपको पशु को चार किलो दाना मिश्रण हर रोज देना है.

इसमें आप बाजरा, मक्का और गेहूं को शामिल कर सकते हैं. इन सब चीजों को 30 किलो की मात्रा में देना चाहिए. वहीं मेथी 5 किलो और सोयाबीन 5 किलो दें.

पशु को 20 किलो चूरी, 20 किलो चोकर भी दिया जाना चाहिए. जबकि 150 मिली लीटर कैल्शियम जरूर देना चाहिए. पशु को 70 से 100 ग्राम मिनरल मिक्सर भी हर दिन देना चाहिए.

डिलीवरी के बाद अगर यह सब काम कर लिया तो आपका पशु दूध उत्पादन ज्यादा करने लगेगा और कुछ ही दिनों में वह दूध उत्पादन के पीक पर आ जाएगा. यानी अपनी क्षमता के मुताबिक दूध उत्पादन करने लगेगा.

अगर पशु दूध उत्पादन कम करता है तो इससे अपको नुकसान होता है. जबकि ज्यादा दूध उत्पादन करता है तो उसे पशुपालकों को फायदा होता है, तो आप भी इस तरीके को आजमा सकते हैं. जिससे आपको फायदा मिलेगा.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

डेयरी

Dairy Sector: बिहार समेत पांच राज्यों में डेयरी सेक्टर को मजबूत करने पर 4 फॉर्मूले पर होगा काम

नई दिल्ली. डेयरी के बिजनेस के जरिए किसानों की इनकम को बढ़ाने...

This scheme aims at the development and conservation of indigenous breeds, genetic upgradation of bovine population, enhancement of milk production and productivity of bovines thereby making dairying more remunerative to farmers. The following steps have been undertaken under the scheme.
डेयरी

MP Dairy News: 26 हजार गांवों से दूध संकलन का बनाया टारगेट, पांच साल में पूरा होगा ये लक्ष्य

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश को देश की अग्रणी ‘मिल्क कैपिटल’ के रूप...

डेयरी

Dairy News: अब पहले से मजबूत होगी सांची ब्रांड की गुणवत्ता और उपभोक्ता सेवा

नई दिल्ली. सांची ब्रांड की गुणवत्ता, सुरक्षित दुग्ध परिवहन और उपभोक्ता सेवाओं...

कम फाइबर के साथ अधिक कंसंट्रेट या अनाज (मक्का) के सेवन से अधिक लैक्टेट और कम वसा दूध होगा.
डेयरी

Dairy: मध्य प्रदेश में हर दिन 9.75 लाख लीटर दूध का हो रहा है कलेक्शन

नई दिल्ली. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश को मिल्क कैपिटल...