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Poultry Farming: बेचने के वक्त कितना होना चाहिए ब्रॉयलर मुर्गे का वजन, जानें यहां

ये बीमारी सभी उम्र की मुर्गियों व टर्की में समान रूप से पाई जाती है.
प्रतीकात्मक फोटो, Live stock animal news

नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्मिंग एक तेजी से बढ़ने वाला बिजनेस है. पोल्ट्री फार्मिंग को कम लागत में आसानी के साथ किया जा सकता है. पोल्ट्री एक्सपर्ट कहते हैं कि पोल्ट्री फार्मिंग शुरू करने से पहले ट्रेनिंग जरूर ले लेना चाहिए. ताकि इसमें नुकसान होने की गुंजाइश न के बराबर हो जाए. क्योंकि ट्रेनिंग न लेने की वजह से कई बार पोल्ट्री फार्मिंग की बारीकियां पोल्ट्री फार्मर समझ नहीं पाते हैं. इससे उन्हें नुकसान हो जाता है. पोल्ट्री फार्मिंग में जब हम ब्रॉयलर मुर्गों को पालते हैं तो एक तय समय पर उनका वजन बढ़ता है और फिर उन्हें मार्केट में बेच दिया जाता है. इससे पोल्ट्री फार्मर्स को मुनाफा होता है. इसके बाद फिर से चूजों का लाकर पालने का काम शुरू किया जाता है.

खास तौर पर नए पोल्ट्री फार्मर्स का जहां तक सवाल उन्हें इस बात की जानकारी जरूर रहना चाहिए कि मुर्गों को कितने वजन पर बेचना सही रहता है. उनका कब कितना वजन रहना चाहिए. एक्सपर्ट कहते हैं कि मुर्गों को दिन के अलावा रात में भी खाने के लिए कुछ न कुछ दिया जाना चाहिए. इससे उनका वजन 30 दिनों के अंदर 900 से 1200 ग्राम तक हो जाता है. इतने वजन वालेvमुर्गों को तंदूरी और फ्राई चिकन के इस्तेमाल में लिया जाता है. इसका रेट बढ़ता घटता भी रहता है.

2.50 किलो होना चाहिए वजन
वहीं कई मामलों में 35 दिन का ब्रॉयलर मुर्गा 2 किलो और 40 दिन का मुर्गा ढाई किलो तक वजन हासिल कर लेता है. जबकि 42 से 49 दिनों में उसका वजन 2.6 किलो या फिर उससे ज्यादा हो जाता है. आमतौर पर बाजार में बेचने के समय मुर्गियों का वजन औसतन ढाई किलो तक होता है. जिसको लोग अपने घरों में पकते हैं. हालांकि प्रोसेसिंग के समय उनका वजन और ज्यादा या फिर कम भी हो सकता है.

कम हो जाती है मीट की क्वालिटी
बता दें कि मुर्गों में तेजी से बढ़ाने के लिए पाला जाता है. हैच के बाद उनका वजन करीब 42 ग्राम होता है, लेकिन 42 से 49 दिनों में उनका वजन बढ़ाकर 2.6 किलो तक या फिर उससे ज्यादा हो जाता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि ब्रॉयलर मुर्गों को बाजार में बेचने से पहले उनका वजन और उनकी उम्र का ध्यान रखना जरूरी होता है. ज्यादा समय तक अगर मुर्गा फार्म में रह गया और उन्हें खिलाना पड़ गया तो इस​ स्थिति में उनके मांस की क्वालिटी कम हो जाती है. इससे उनका ज्यादा दाम भी नहीं मिलता है. ये भी जान लें कि ब्रॉयलर को गहरे कूड़े, स्लेटेड या वायर फ़्लोर या पिंजरों में रखा जाना चाहिए.

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