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Dairy News: डेयरी कोऑपरेटिव चेन से डेयरी किसानों को सही दाम और आम लोगों ​को मिलता है शुद्ध दूध

Animal Husbandry: Farmers will be able to buy vaccines made from the semen of M-29 buffalo clone, buffalo will give 29 liters of milk at one go.
प्रतीकात्मक फोटो. Live stockanimal news

नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड एक ऐसी संस्था है जो देशभर में डेयरी सेक्टर को मजबूत करने का काम करती है. एनडीडीबी जहां डेयरी सेक्टर को मजबूत करने का काम करता है तो वहीं इसे सीधे तौर पर डेयरी किसानों को भी फायदा होता है. देश भर में डेयरी किसानों को ज्यादा फायदा पहुंचाने के लिए डेयरी कोऑपरेटिव चेन बनाई गई है. यह संस्था संगठित व्यवस्था है. जिसमें दूध उत्पादक किसान सहकारिता के माध्यम से खुद जुड़कर दूध के स्टोरेज, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और वितरण का काम करते हैं. इसका उद्देश्य बिचौलियों को खत्म करके किसानों को सही मुनाफा दिलाना है. इसका एक दूसरा फायदा यह भी है कि इससे उपभोक्ताओं को शुद्ध और क्वालिटी से भरपूर मिल्क प्रोडक्ट मिलता है.

आमतौर पर यह सप्लाई चेन भारत में आनंद पैटर्न अमृत मॉडल पर आधारित त्रीस्तरीय होती है. जहां गांव के किसान अपनी दुग्ध सहकारी समिति बनाते हैं और उत्पादित दूध वहां लाते हैं. जहां फैट की गुणवत्ता चेक करने के बाद दूध को स्टोर किया जाता है.

ऐसे इकट्ठा होता है दूध
ग्रामीण स्तर की समितियों से दूध इकट्ठा होकर जिला दूध संघ में जाता है. जहां दूध पाश्चीकृत किया जाता है. इससे मक्खन, पनीर आदि उत्पाद भी बनाए जाते हैं.

जिला संघ से मिलकर राज्य स्तर पर एक महासंघ बनता है. जिसे अमूल पराग बनाते हैं. जो बड़े पैमाने पर ब्रांडिंग, मार्केटिंग और आखिरी उपभोक्ताओं तक उत्पादन को पहुंचा देने काम करते हैं.

सबसे पहले काम तो यह होता है कि किसान अपने मवेशियों से दूध निकालते हैं. इसके बाद दूध को ठंडा करके मिल्क कूलर तक पहुंचाया जाता है. ताकि वह खराब ना हो.

टैंकरों के माध्यम से दूध को डेयरी प्लांट में भेज कर कुछ तापमान में प्रोसेस किया जाता है. कोल्ड स्टोरेज और तापमान नियंत्रित वाहनों से दूध व उत्पाद बाजार तक पहुंचाया जाता है.

गौरतलब है कि हाल ही में NDDB के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (इंस्टीट्यूशन बिल्डिंग) डॉ. वी श्रीधर ने ‘ET Edge – टाइम्स ग्रुप SCM फेस्ट 2026’ के 13वें एडिशन में लोगों को संबोधित किया.

अपने संबोधन में, डॉ. श्रीधर ने डेयरी कोऑपरेटिव सप्लाई चेन के बारे में जानकारी दी और बताया कि कैसे दूध गाँव-स्तर की डेयरी कोऑपरेटिव सोसायटियों से शहरों और कस्बों में रहने वाले ग्राहकों तक पहुंचता है.

उन्होंने मजबूत क्वालिटी एश्योरेंस सिस्टम, कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑपरेशनल प्रोसेस पर जोर दिया, जो यह पक्का करते हैं कि हजारों किलोमीटर दूर रहने वाले ग्राहकों तक भी अच्छी क्वालिटी का दूध पहुंचे.

Written by
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