Home डेयरी Dairy Animal: एक दिन में दूधारू पशु को कितना देना चाहिए सरसों का तेल, क्या हैं इसके फायदे
डेयरी

Dairy Animal: एक दिन में दूधारू पशु को कितना देना चाहिए सरसों का तेल, क्या हैं इसके फायदे

कम फाइबर के साथ अधिक कंसंट्रेट या अनाज (मक्का) के सेवन से अधिक लैक्टेट और कम वसा दूध होगा.
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. डेयरी फार्मिंग के कारोबार में दुधारू पशुओं का ख्याल सावधानी से रखना पड़ता है. उन्हें क्या खिलाया जाए? कितना खिलाया जाए? इसका ध्यान देना जरूरी होता है. अगर ऐसा न किया जाए तो डेयरी फार्मिंग के काम में नुकसान हो सकता है और यह नुकसान उनकी जरूरी खुराक न मिलने के चलते होगा. अगर आपके पास भी डेयरी फार्म है और उसके अंदर दूधारू पशु पाले हुए हैं तो यह खबर आपके लिए है. क्योंकि यहां हम आपको बताएंगे कि सरसों का तेल कितनी मात्रा में देना है.

एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि अक्सर पशुपालकों के मन में यह सवाल रहता है कि बेहद ही जरूरी सरसों का तेल पशुओं को कितनी मात्रा में दिया जाए? ताकि उन्हें जरूरी एनर्जी भी मिले और इससे उत्पादन भी बेहतर हो? इस वजह से इस संबंध में पशुपालक सवाल भी करते रहते हैं.

यहां पढ़ें कितना देना चाहिए
एक्सपर्ट का कहना है कि हर पशु को उसकी जरूरत के मुताबिक सरसों का तेल देना चाहिए. इसे ऐसे भी समझ सकते हैं कि यदि कोई पशु प्रतिदिन तीन किलो फीड खा रहा है तो उसके फीड में 300 ग्राम सरसों का तेल मिला देना चाहिए. इससे उसकी तमाम जरूरतें पूरी हो जाएंगी. एक्सपर्ट का कहना है कि जरूरी नहीं है कि दवाएं देकर ही पशुओं का दूध बढ़ाया जाए, क्योंकि यह बहुत महंगी हो गई हैं. अगर पशुओं की फीड में सरसों का तेल मिलाकर दिया जाए तो पशु इसे बड़े ही चाव के साथ खाएंगे और ज्यादा दूध उत्पादन करेंगे. वहीं दूध उत्पादन के हिसाब से भी सरसों का तेल दे सकते हैं. 10 लीटर तक दूध देने वाले पशुओं को 50 से 70 ग्राम तक और 10 से 15 लीटर दूध देने वाले पशुओं को 70 से 100 ग्राम तक प्रतिदिन सरसों का तेल दिया जा सकता है.

बीमारियों से बचाता है सरसों का तेल
एक्सपर्ट का कहना है कि पशुओं को सरसों का तेल जरूर देना चाहिए. क्योंकि यह उनके पाचन तंत्र को मजबूत करता है. सरसों का तेल पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देता है और दूध उत्पादन में वृद्धि करता है. इससे पशुओं को बीमारियां भी नहीं होती हैं. जबकि उनके बच्चों का भी स्वास्थ्य अच्छा रहता है. सरसों के तेल में फैट की मात्रा अच्छी होती है. जिससे पशु मोटे ताजे हो जाते हैं, पशुओं को रोजाना ऊर्जा की जरूरत होती है. इसकी पूर्ति के लिए रोजाना सरसों का तेल देना चाहिए. जिससे वो हैल्दी और तगड़े रहते हैं. आपको बता दें कि सरसों का तेल पशुओं के लिवर संबंधित समस्याओं को भी दूर करने में कारगर साबित होता है. वहीं पशुओं को अगर स्किन डिसीज है तो इसे भी दूर करता है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

NPDD scheme is being implemented to enhance quality of milk and milk products and increase share of organized milk procurement.
डेयरी

Milk Production: पशु के दूध में फैट कम होने के हैं तीन मुख्य कारण, बढ़ाना भी है बेहद ही आसान

नई दिल्ली. गाय-भैंस यदि भरपूर दूध का उत्पादन करे लेकिन दूध के...

मिशन का उद्देश्य किसानों की इनकम दोगुनी करना, कृषि को जलवायु के अनुकूल बनाना, धारणीय और जैविक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है.
डेयरीसरकारी स्की‍म

Government Scheme: गाय पालने पर यूपी सरकार दे रही है आर्थिक मदद

नई दिल्ली. बिजनेस को छोटे स्तर से भी शुरू करके बड़ा बनाया...

milk production
डेयरी

Dairy News: दूध उत्पादन बढ़ाने के पांच टिप्स बहुत आएंगी आपके काम

नई दिल्ली. हर एक पशुपालक की ये चाहत होती है कि उसके...

डेयरी

Dairy: बायोगैस, कंप्रेस्ड बायोगैस और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर के उत्पादन में अहम है डेयरी कोऑपरेटिव नेटवर्क

नई दिल्ली. यूके के बर्मिंघम में आयोजित ‘वर्ल्ड बायोगैस एक्सपो एंड समिट...