नई दिल्ली. पिछले दिनों यूपी के रामपुर में उत्तराखंड की सरहद से सटे इलाके में बर्ड फ्लू का केस सामने आने के बाद उत्तराखंड का पशुपालन विभाग भी अलर्ट मोड में आ गया है. बर्ड फ्लू से रोकथाम केे लिए जो भी जरूरी उपाय हैं, वो किए जा रहे हैं. ताकि बर्ड फ्लू को रोका जा सके. पशुपालन विभाग की तरफ से बर्ड फ्लू की रोकथाम और वैक्सीनेशन के लिए भी काम किए जा रहे हैं. वहीं पिथौरागढ़ के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की मौजूदगी में व्यापार संघ, पिथौरागढ़ और मुर्गी पालकों के साथ बैठक का आयोजन किया गया था.
इस बैठक में जिलाधिकारी पिथौरागढ़ द्वारा पोल्ट्री बर्ड, अंडों तथा कुक्कुट मांस के अन्य जनपदों तथा नेपाल देश से आयात पर लगाई गई रोक का कड़ाई से पालन करने हेतु निवेदन किया गया था.
क्या कदम उठा गए हैं
पशुपालन विभाग की ओर से पोल्ट्री फार्मर्स को अपने फार्म पर व दुकानों पर सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए अहम जानकारी भी दी गई थी.
विभाग द्वारा आईटीबीपी को दी जा रही जिंदा भेड़ –बकरी व जिंदा मुर्गे की आपूर्ति के बारे में भी जानकारी दी गई व इस योजना से जुड़ने हेतु निवेदन किया गया.
व्यापार संघ अध्यक्ष, पिथौरागढ़ द्वारा आश्वासन दिया गया कि वे जिलाधिकारी पिथौरागढ़ के आदेश का पालन करेंगे तथा जनपद के बाहर से कुक्कुट पक्षी व अंडों का आयात नहीं करेंगे.
वहीं एक दिन पहले बागेश्वर में पशुपालन व नगर पालिका की टीम द्वारा मीट मार्केट का औचक निरीक्षण किया विक्रेताओं को बर्ड फ्लू से संबंधित जानकारी व बचाव के बारे में अवगत कराया गया.
इस दौरान क्या करें और क्या न करें सम्बन्धित पर्चा चिपकाया गया. साफ सफाई रखने के निर्देश दिए गए.
विक्रेताओं द्वाराबताया गया जिले से बाहर से मुर्गा, मुर्गा मीट नहीं लाया जा रहा है. जिले से ही खरीद की जा रही है.
जिले से बाहर से मुर्गा या फिर मुर्गा मीट ना लाने की हिदायत दी गई. ताकि बर्ड फ्लू के खतरे को टाला जा सके.
निरीक्षण में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ के के जोशी उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ पंकज जोशी नगर पालिका के प्रतिनिधि रजत कुमार आदि उपस्थित रहे.












